समाचार सच, देहरादून। प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के कमान संभालने के बावजूद कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन को मुद्दा बनाना जारी रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि भाजपा को नेतृत्व परिवर्तन की वजह जनता के सामने रखनी चाहिए। हरीश रावत ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन से यह साबित हो गया है कि प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर है। इसी डर की वजह से मुख्यमंत्री को बदला गया है। कांग्रेस बता चुकी है कि उसने 2013 में आई आपदा में बेहतर काम नहीं हो पाने की वजह से नेतृत्व परिवर्तन किया था। त्रिवेंद्र सिंह रावत चार साल मुख्यमंत्री रहे। उन्हें हटाने की वजह सामने रखी जानी चाहिए। इस बदलाव का फायदा कांग्रेस को मिलेगा। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा मिलेगा।
नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश ने कहा कि त्रिवेंद्र रावत के सीएम पद से हटने से भाजपा सरकार के चार साल विफल साबित हो चुके हैं। विपक्ष के तौर पर कांग्रेस लगातार विकास विरोधी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रही थी। जिस पर भाजपा हाईकमान ने भी मुहर लगा दी। वर्तमान परिस्थितियां सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रही हैं। इसलिए कांग्रेस की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार ने सूबे का विकास चौपट कर दिया है। अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए मुख्यमंत्री बदलने का नाटक किया गया है। चार साल में भाजपा विकास नहीं कर पाई, तो आठ माह में क्या कर पाएगी। भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष खंडूड़ी ने कहा कि प्रदेश में बदलाव राजनीतिक कारणों के चलते हुआ है। प्रदेश में सीएम का चेहरा बदला है, लेकिन मुद्दे वही हैं। कांग्रेस इसके खिलाफ संघर्ष करती रहेगी।
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