समाचार सच, देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों और आम जनता से जुड़े सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने हाल ही में प्रधानमंत्री के सामने 10 अहम मुद्दे उठाए थे, जो सीधे तौर पर उत्तराखंड की जनता और प्रदेश की व्यवस्थाओं से जुड़े थे। लेकिन, प्रधानमंत्री ने इन सवालों को पूरी तरह अनदेखा किया।
गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का जिक्र जरूर किया, लेकिन अग्निपथ योजना पर कुछ नहीं कहा। उनका आरोप है कि इस योजना ने सेना में भर्ती का सपना देखने वाले युवाओं की उम्मीदों को तोड़ दिया है।
उन्होंने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों पर भी चिंता जताई और कहा कि उत्तराखंड अब इस मामले में शीर्ष राज्यों में गिना जाने लगा है। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगे थे। मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा के बावजूद अब तक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
प्रदेश में सामने आए भर्ती घोटालों पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर प्रधानमंत्री ने कोई टिप्पणी नहीं की।
दिल्ली-देहरादून हाईवे के लोकार्पण पर प्रतिक्रिया देते हुए गोदियाल ने सरकार से पूछा कि यदि यह परियोजना ‘भाग्य रेखा’ है, तो उत्तराखंड को इससे ठोस लाभ क्या मिलेगा। उन्होंने स्थाई राजधानी, लोकायुक्त की नियुक्ति और सख्त भू कानून जैसे मुद्दों पर भी सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून की दूरी 2.5 घंटे में तय होने की सुविधा जहां एक ओर राहत दे सकती है, वहीं इससे स्थानीय लोगों में असमंजस और चिंता भी बढ़ी है। बढ़ते यातायात और संभावित दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की कि वे जल्द ही स्पष्ट ट्रैफिक एडवाइजरी और मजबूत मोबिलिटी प्लान जारी करें, ताकि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अंत में उन्होंने कहा कि देहरादून शहर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह हाईवे भविष्य में बड़ी चुनौतियां खड़ी कर सकता है। शहर की सड़कों की चौड़ाई, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और यातायात वहन क्षमता अभी इतनी मजबूत नहीं है कि अचानक बढ़ने वाले दबाव को संभाल सके।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



