समाचार सच, देहरादून/हल्द्वानी। देशभर में बढ़ती महंगाई और 3 नए कृषि कानूनों के विरोध में उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर प्रदेश भर में पदयात्रा संचालित की गई। राज्य की सभी ब्लाक और जिला मुख्यालय में आज समस्त कांग्रेसजनों ने बढ़ती महंगाई और 3 नए कृषि कानून को वापस लिए जाने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गई। वहीं प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कॉंग्रेस लड़ाई को लगातार जारी रखेगी इसी के विरोध में 22 फरवरी को राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में पदयात्रा निकाली जाएगी वहीं उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए तो कॉंग्रेस आगे की रणनीति तय करेगी वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश ने कहा कि जब से सत्ता में बीजेपी की सरकार आई है तब से अपने साथ महंगाई लाइए पेट्रोल के दाम 100 के पार चले गए हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत, उत्तराखंड सोशल मीडिया अध्यक्ष शिल्पी अरोड़ा, महानगर अध्यक्ष कॉंग्रेस लालचंद शर्मा कांग्रेस उपाध्यक्ष रंजीत रावत, पूर्व काबीना मन्त्री दिनेश अग्रवाल सरोजनी कैंतुरा, गोदावरी थापली, महेश जोशी,ललित भदरी, राजेश चमोली, कमलेश रमन, अर्जुन सोनकर, रमेश कुमार, प्रकाश नेगी, संदीप चमोली, ताबि, नवीन पयाल, दीपा चौहान, देविका रानी, राजेन्द्र चौहान, अनिल बसनेत, प्रदीप डोभाल, अनूप कपूर, अजय बेलवाल, आदि उपस्थित थे। समेत अन्य कांग्रेसी मौूजूद रहे।
रैली व पुतला फूंक कर नहीं घटेगी महंगाई
हल्द्वानी। चुनाव पास आते ही विपक्षी दल रैली व पुतला फूंकने व रैली निकालकर अपना विरोध जताने लग गये हैं। हालाकि यह विपक्ष का कर्तव्य बनता है कि वह सत्तारूढ़ दल की कमियां निकालकर इसे जनता के समक्ष रखे और उसे सही रास्ते पर चलने के लिए दवाब बनायें। यहां विपक्षी दल भले ही महंगाई व अन्य मामलों पर रैली व पुतला निकालकर अपना विरोध तो जता देते हैं लेकिन इसके लिए क्या उपाय हो सकता है। इसके लिए रास्ता नहीं सुलझाया जाता है। आज कांग्रेस यह कहते हुए नहीं थक रही है कि महंगााई के लिए भाजपा जिम्मेदार है लेकिन देश में सबसे ज्यादा तेल के रेट बढ़ने वाले राज्य में राजस्थान भी शामिल है। वहां पर कांग्रेस सत्ता में है लेकिन वहां पर राज्य सरकार का इतना टैक्स है कि वहां पर आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। अगर कांग्रेस में इतना साहस है तो वह पहले राजस्थान से तेल में लगे कर कम करे।



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