संस्कृत भाषा पर टिप्पणी को लेकर विरोध, डीएमके सांसद से माफी की मांग

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समाचार सच, हल्द्वानी। श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय एवं श्री महादेव गिरि संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय, देवल चौड़, हल्द्वानी नैनीताल में छात्रों व आचार्यों द्वारा डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा संसद में संस्कृत भाषा पर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने मांग की कि दयानिधि मारन संसद में माफी मांगे।

संस्कृत विद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने कहा कि दयानिधि मारन द्वारा भारत की आत्मा संस्कृत भाषा का अपमान किया गया है, जो अक्षम्य है। सांसद महोदय को संस्कृत भाषा के महत्व का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। डॉ. राजेश जोशी ने कहा कि डीएमके सांसद को लिखित माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में संस्कृत का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।

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संस्कृत विद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. कृष्ण चंद्र जोशी ने कहा कि उनके बयान से पूरे देश में संस्कृत प्रेमियों में आक्रोश है और जब तक वह माफी नहीं मांगते, विरोध जारी रहेगा।

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इस आक्रोश प्रकट करने वाले समूह में डॉ. चंद्र बल्लभ बेलवाल, डॉ. राकेश चंद्र गुणवन्त, डॉ. कैलाश चंद्र सनवाल, महेश चंद्र जोशी, राकेश पंत, राजकुमार पाण्डेय, श्रीमती कंचन जोशी, भवानी दत्त सहित सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया।

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