समाचार सच, देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के सम्बन्ध में प्रदेश के शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत से चर्चा हुई है। जिस पर शहरी विकास मंत्री द्वारा उनकी महत्वपूर्ण मांगों के समाधान का आश्वासन मिला है। उक्त जानकारी यहां पत्रकार वार्ता में उत्तराखण्ड राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रान्तिकारी मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं सफाई कर्मचारी आयोग पूर्व चेयरमैन भगवत प्रसाद मकवाना ने दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष अजय राजौर के सहयोग से शहरी विकास मंत्री के साथ वार्ता अत्यंत सोहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में बहुत सी महत्वपूर्ण मांग पूरी करने पर सहमती बनी तथा कुछ विषय मुख्यमंत्री के साथ शीघ्र होने वाली आगामी बैठक में तय करने की सहमती बनी है। बैठक में मुख्य रूप से शहरी विकास प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, निदेशक विनोद सुमन सहित संबंधित अधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड वाल्मीकि, स्वच्छकार संयुक्त मोर्चा, उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ, राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रान्तिकारी मोर्चा, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ९७४२, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ शाखा नगर निगम देहरादून, उत्तराखण्ड स्वायतशासी निकाय कर्मचारी संघ आदि सामाजिक संगठन के प्रदेशीय नेताओं ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के सम्बन्ध में विस्तार से बिन्दुवार चर्चा हुई है।
उन्होंने बताया कि बैठक में पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश की शहरी निकायों में सफाई कर्मचारियों को मृत संवर्ग घोषित करने के मामले में मंत्री ने अधिकारीयों को निर्देशित किया कि जो पूर्व से सफाई कर्मियों के स्थायी सृजित पद है उनको यथावत रखा जाये अथव उनको जीवित माना जाये। आबादी, छेत्रफल एवं मानकों के अनुसार सफाई कर्मचारियों बाद निर्णय होगा। मंत्री ने 10 वर्षों से अधिक सेवाएँ दे रहे मोहल्ला समिति, संविदा एवं अन्य आउटसोर्स कर्मियों को भी नियमतिकरण करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारीयों को दिये। संयुक्त मोर्चा को आवश्यकता पड़ने पर प्रस्ताव को केबिनेट में ले जाने का भरोसा भी दिलाया गया है। कांग्रेस की पूर्व सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों का सामूहिक बीमा जो उनको रुपये एक लाख रुपये सफाई कर्मचारियों के वेतन से 75 रुपये प्रति माह प्रीमियम काट कर दिया जाता था। उसे कांग्रेस काल में बंद कर दिया गया था। इस विषय में वार्ता में प्रमुख सचिव द्वारा बताया गया है की विभाग द्वारा एक कारपस फण्ड के माध्यम से सामूहिक बीमा कराया जाने का प्रावधान कराये जाने की कार्यवाही गतिमान है। प्रतिनिधिमंडल के बीमा राशी बढाये जाने के आग्रह पर मंत्री ने दो लाख रुपये की राशि बिना कर्मचारी से कोई प्रीमियम काटे दिये जाने का भरोसा दिलाया है। जबकि सफाई कर्मचारियों के आवासों का मालिकाना हक दिये जाने के विषय पर शहरी विकास मंत्री ने निर्देशित किया है की निदेशक विनोद सुमन की अध्यक्षता में दो सफाई कर्मियों के वर्ग के प्रतिनिधि राजेन्द्र श्रमिक हरिद्वार से, विशाल बिरला देहरादून से एवं सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष अजय राजौर भी समिति में होंगे। साथ यह भी निर्णय लिया गया है की दो माह के भीतर समिति सफाई कर्मचारियों के आवास के मालिकाना हक की रिपोर्ट प्रस्तुत कर कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
सफाई कर्मचारियों के उपकरण एवं धुलाई भत्ते को रुपये दो सौ से बढ़ाकर रुपये पांच सौ किए जाने का शहरी विकास मंत्री भगत द्वारा निर्देश दिये गए है। सफाई कार्यों में ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सीधे निकायों के माध्यम से सफाई कर्मचारी रखे जाने एवं सीधे उनके खाते में भुगतान किए जाने की मांग संयुक्त मोर्चा ने पुरजोर तरीके से की। इस विषय पर प्रमुख सचिव द्वारा बताया गया की यह नीतिगत मामला है इस विषय में मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा। यह विषय मुख्यमंत्री से वार्ता हेतु रख लिया गया है। सफाई सुपरवाइजर (पर्यावरण पर्यवेक्षक) की भर्ती व योग्यता हेतु इन्टर साइंस का संयुक्त मोर्चा ने पुरजोर विरोध किया क्योंकि सफाई कर्मचारी के लिए अनुभव के आधार अपर पदौन्नति का मात्र यही एक अवसर प्राप्त होता है। ऐसे आदेश से यह पदौन्नति का मार्ग भी बंद हो जायेगा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है की सफाई सुपरवाइजर के पद की पूर्व की व्यवस्था के अनुसार अनुभव के आधार पर पदोन्नति को ही यथावत रखा जाए एवं इसमें इन्टर साइस की आवश्यकता नहीं है। संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों द्वारा राजधानी में एक भवन यूनियन गतिविधियों हेतु दिये जाने की मांग की जिस पर मंत्री ने अधिकारीयों को भवन बनाये जाने सम्बन्धी निर्देश दिये। अन्य मांग बिन्दुओं पर सकरात्मक दृष्टिकोण रखते हुए मंत्री ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
सफाई कर्मियों के मुद्दों को मजबूती से रखने में संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक भगवात प्रसाद मकवाना राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रान्तिकारी मोर्चा एवं पूर्व चैयरमेन उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, मोर्चा सर्वाेजक उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ के स्थापक राम अवतार राजौर, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील राजौर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र तेश्वर, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र श्रमिक, विशाल बिरला, अरविन्द घान्वरी, धर्मपाल घाघट, मदन वाल्मीकि, राजेश कुमार निक्कू, धीरज भारती, अशोक तेश्वर आदि नेतागण मौजूद रहे।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440












