उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले की डॉक्टर निशात अंजुम का चयन एसजीपीजीआई लखनऊ में

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समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले की डॉक्टर निशात अंजुम का चयन एसजीपीजीआई लखनऊ के लिये हुआ हैै। उनका चयन फैलोशिप जेनेटिक डायग्नोलॉजिस्ट में 6 माह के लिए हुआ है। अल्पसंख्यक समाज ने उनके इस चयन के लिये उन्हें बधाई दी है। ज्ञात हो कि उक्त फेलोशिप भारत सरकार द्वारा भविष्य में होने वाले नए संक्रमण को देखते हुए चुनिंदा योग चिकित्सा कर्मियों को करवायी जा रही है। फेलोशिप के लिए पूरे देश से 28 चिकित्सकों का चयन हुआ है। जिसमें से डॉक्टर निशात अंजुम उत्तराखंड राज्य में एकमात्र चयनित चिकित्सक हैं। आपकों बता दें कि डॉक्टर निशात अंजुम ने मई 2016 से मई 2019 तक एमडी माइक्रोबायोलॉजी की है।

आपकों बता दें कि वर्तमान में डॉक्टर निशात अंजुम राजकीय मेला चिकित्सालय हरिद्वार में कोविड वेडरल लैब में कार्यरत हैं। वर्तमान में प्रदेश सरकार को भी जांच के सैंपल GENOMIC SEQUENCING के लिए NCDC नई दिल्ली पर निर्भर है। यदि डॉक्टर निशात अंजुम उक्त प्रशिक्षण प्राप्त कर लेती हैं, तो अपने राज्य में उचित व्यवस्था के साथ उक्त टेक्निक को शुरू किया जा सकता है। जो राज्य की चिकित्सा स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।

ज्ञात हो कि यह प्रशिक्षण भारत सरकार ने फैलोशिप जेनेटिक डायग्नोस्टिक में प्रशिक्षण हेतु केंद्रीय मेडिकल विश्वविद्यालय में कराया जा रहा है। जिसके लिए सरकार ने योग्यता व प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन किया है। वर्तमान में उत्तराखंड प्रदेश में यह उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हेतु चयनित होने वाली एकमात्र सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक हैं। कोविड-19 को देखते हुए भविष्य में यह कोर्स समस्त प्रदेश के लिए लाभदायक होगा। क्योंकि genomic sequencing जैसी उच्च तकनीक भी हम अपने प्रदेश में ही विभागीय प्रशिक्षण देकर संचालित कर पाने का प्रयास कर सकते हैं।

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डॉक्टर निशांत का परिचय
डॉक्टर निशांत हल्द्वानी बनभूलपुरा नैनीताल की एक मध्यमवर्गीय अंसारी परिवार से हैं। हल्द्वानी के ही राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और 2019 में राजकीय मेडिकल कॉलेज से ही एमडी की डिग्री हासिल की। जनवरी 2020 में हरिद्वार जिला चिकित्सालय आने के तुरंत बाद कोविड-19 के लिए नोडल ऑफिसर के रूप में लेवल सेकंड अस्पताल संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसका निर्वाहपूर्ण निष्ठा से किया। इसी के साथ वह राजकीय मेला चिकित्सालय हरिद्वार के कोविड-19 कंट्रोल रूम trunat लैब माइक्रोबायोलॉजिस्ट लैब डीपीएचएल लैब का भी भली-भांति संचालन कर रही है। इसके अतिरिक्त एमरजैंसी ओपीडी व वीआईपी ड्यूटी और ब्लड बैंक के कार्यों में भी उनका पूर्ण योगदान रहता है। 2008 में डॉक्टर निशात अंजुम की पहली पोस्टिंग धारी ब्लॉक के दुर्गम गांव में हुई थी। वर्तमान में डॉक्टर निशात अंजुम हरिद्वार जिला चिकित्सालय में सेवारत हैं।

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इधर डॉ0 निशांत अंजुम को इस चयन के लिये भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री जहीर अंसारी उन्हें बधाई व शुभकामनायें दी हैं।

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