उत्तराखंड में गुरूवार को तड़के भूकंप से जगह-जगह हिली धरती, वैज्ञानिकों ने जारी किया खतरे का रेड सिग्नल

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समाचार सच, उत्तरकाशी। एक फिर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गुरुवार को तड़के करीब 3.49 एक तीव्र भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसने लोगों को आपत्ति में डाल दिया। उस समय घरों में गहरी नींद में सो रहे लोग जाग गये और अपने घरों से बाहर निकल आए। लनेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। फिलहाल किसी तरह का कोई जान माल का नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

जनपद में बड़कोट, पुरोला, मोरी, नौगांव सहित आसपास के क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। आपको बता दे कि बीते मंगलवार को दोपहर 2.51 पर आए एक और भूकंप के झटकों के बाद, लोगों में दहशत और बढ़ गई। इस भूकंप की तीव्रता नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलोजी के मुताबिक 6.2 मापी थी, और इसका केंद्र नेपाल के दिपायल से 38 किलोमीटर दूर, जमीन के 5 किलोमीटर गहराई में था। इस झटके के परिणामस्वरूप, यूपी, दिल्ली, और कई अन्य राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक कालाचंद सेन के अनुसार, इंडियन और यूरेशियन प्लेट के टकराने के प्रभावों का अध्ययन जीपीएस के माध्यम से किया गया है। इस अध्ययन में पाया गया कि धरती के नीचे बड़ी मात्रा में एनर्जी स्टोर हो गई है, और इस एनर्जी का धीरे-धीरे निकलना जरूरी है। इसके अभाव में बड़े भूकंप का खतरा है। उत्तराखंड के कई जिलों में लॉक जोन होने के कारण, यहां पर एनर्जी का बाहर नहीं निकल पा रहा है, जिससे कम तीव्रता के भूकंप से एनर्जी स्टोरेज कम हो जाएगा। हालांकि बड़े भूकंप का खतरा है, लेकिन यह कब आएगा, यह कहना संभावना नहीं है। उत्तराखंड का ज्यादातर इलाका भूकंप के लिहाज से जोन चार और पांच में है, इसलिए बार-बार भूकंप की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।

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वैज्ञानिकों ने इस स्थिति को गंभीरता से देखा है और लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि एनर्जी का सही तरीके से निकलना जरूरी है ताकि बड़े भूकंप से पूर्व तैयारी की जा सके। लोगों से यह सलाह दी जा रही है कि वे सुरक्षित और सुरक्षित स्थान पर रहें और भूकंप के झटकों के दौरान उचित सुरक्षा उपायों का पालन करें।

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इस तरह के संकेत बढ़े खतरे को सूचित करते हैं और लोगों को आपत्ति के खतरे के बारे में जागरूक करते हैं। इसे सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी और तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

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