सावन में ग्रहण 2026: सावन माह में सूर्य, चंद्र ग्रहण, क्या होगा इनका असर, अपनाये ये उपाय

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सावन में ग्रहण रू इस साल सावन के महीने में ग्रहण लगने जा रहा है। इस बार का सावन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। एक नहीं बल्कि दो-दो ग्रहण इस श्रावण लगने वाले हैं। पंचांग के अनुसार, 30 जुलाई के दिन से सावन महीने की शुरुआत हो रही है। श्रावण मास में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ध्यान रखने वाली बात यह रहेगी कि ग्रहण लगने पर पूजा-पाठ की जाएगी या नहीं। आपको भी यह कंफ्यूजन होगी कि इस दौरान पूजा कब करनी चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि सावन में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कब लगेगा, ग्रहण का प्रभाव, और सूतक काल के बारे में-

सावन में सूर्य, चंद्र ग्रहण, जानें पूजा-पाठ पर प्रभाव, भारत पर असर
सावन कब से शुरू होगा?

हिन्दू पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात 8.06 बजे से प्रारंभ होगी, लेकिन उदयातिथि के आधार पर सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई से मानी जाएगी।

सूर्य ग्रहण कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 12 अगस्त के दिन साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह खग्रास सूर्यग्रहण होगा, लेकिन यह मुख्य रूप से आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में दिखाई देगा।

कब लगेगा साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का सूतक काल?
सूर्य ग्रहण का सूतक काल आमतौर पर 12 घंटे पहले से शुरू हो जाता है।

चंद्र ग्रहण कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त के दिन साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इस साल रक्षाबंधन वाले दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के क्षेत्रों में दिखेगा, भारत में नहीं।

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कब लगेगा साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का सूतक काल?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल आमतौर पर 9 घंटे पहले से शुरू हो जाता है।

क्या सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
नहीं, भारत में न सूर्य ग्रहण दिखाई देगा और न ही चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।

सावन पर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का प्रभाव कैसा रहेगा?
भारत में न दिखने के कारण सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का प्रभाव सावन या पूजा-पाठ पर नहीं पड़ेगा। इसलिए मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और अपने निर्धारित शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार बिना किसी रुकावट के संपन्न होंगे।

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