समाचार सच, देहरादून। कोविड-19 शांति एवं विश्व कल्याण हेतु करवाई जा रही पवित्र भागवत कथा के चतुर्थ दिन आज मथुरा वृंदावन से पधारे पूज्य व्यास डॉक्टर संजय सलिल ने पवित्र कथा की अमृत वर्षा की। पूजा व्यास ने कहा कि वो ही भगत प्रभु को पावर्ड पा सकता है जो प्रभु की भक्ति में समा जाए अर्थात पूर्ण समर्पण भाव से भक्ति करनी चाहिए। ऐसा ही उदाहरण शास्त्रों में भी मिलता है। चीरहरण के समय जब द्रौपदी ने भक्ति भाव से प्रभु को पुकारा तो कन्हैया अपने आप को रोक नहीं पाए और भरी सभा में अपने भक्त की रक्षा की। पूजा व्यास जी ने कहा कि जो भगत अपने माता-पिता बड़े बुजुर्गों का सम्मान करता है आदर करता है और साथ ही सत्संग में जाने से पवित्र भागवत का श्रवण करने से भक्तों को रूप जय तेज और यश की प्राप्ति होती है। इसमें कोई संशय नहीं है। कथा के अंतिम चरण में पूज्य व्यास ने कन्हैया के जन्म का प्रसंग सुनाकर सभी श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर टोकरी में विराजमान कर कन्हैया जी की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। सभी श्रद्धालु अपने अपने स्थानों पर खड़े होकर हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की जोरदार जयघोष करने लगे और खुशियां मनाने लगे। इस अवसर पर सभी पीतांबर वस्त्र धारण कर मां यशोदा जी को बधाइयां दे रहे थे। व्यास जी ने कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष रूप से बच्चों को टॉफियां चॉकलेट छोटे-छोटे खिलौने भी वितरित किए। जिसे देखकर बच्चे खुश हो गये। अंत में आरती हुई और सभी को प्रसाद वितरण किया गया। कथा में आज गौरव कुमार, अभिनव बेदी, पंकज तायल, अमित करनवाल, विकास मल्होत्रा, शिवम गोयल, मनोज सरीन, फतेह चंद गर्ग, कमलेश अग्रवाल, अजय गोयल, शिवम गोयल, ललित आहूजा, अनुराग गुप्ता, ललित आहूजा, संजय कुमार गर्ग आदि उपस्थित रहे।
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