समाचार सच, हल्द्वानी। निकटवर्ती हल्दूचौड़ क्षेत्र में एक हाथी की हाईटेंशन लाईन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना करने के बाद हाथी का पोस्टमार्टम कराया। इस मामले के लिए प्रथम दृष्टया विद्युत विभाग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। विद्युत विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात वन विभाग कह रहा है। जानकारी के अनुसार सोमवार की प्रातः हल्दूचौड़ क्षेत्र के तराई पूर्वी वन प्रभाग अंतर्गत दुम्काबंगर बच्चीधर्मा गांव में एक हाथी की झूलती हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर ग्रामीण एकत्र हो गये और मामले की सूचना वन विभाग को दी। इस पर डीएफओ सुधीर कुमार अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास भी किया। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में हाथी का शव एक खेत में 11000 वोल्ट की झूलते तार में उलझा पाया गया। इससे यह माना जा रहा है कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। जिसके चलते विद्युत विभाग की लापरवाही को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन लम्बे समय से दुर्घटना का सबब बनी हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी कई बार विद्युत विभाग में लिखित व मौखिक शिकायत भी की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिसका नतीजा करंट से हाथी की मौत के रूप में सामने आया है। इस बीच सूचना पर मौके पर पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से घटना के कारणों की जानकारी लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग उठाई। बहरहाल वन विभाग की टीम ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। हाथी के शव को दफनाने की तैयारी की जा रही है। इधर इस मामले में मौका मुआयना के बाद घटना के लिए वन विभाग भी विद्युत विभाग की लचर कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहरा रहा है। जिसके आधार पर वन विभाग के अधिकारी विद्युत विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कह रहे हैं।
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