नई दिल्ली/हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े हल्द्वानी के ‘मंच शुद्धिकरण’ विवाद ने अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले में न्याय की मांग करने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
दरअसल, हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद उसी स्थान पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण समारोह’ आयोजित किया गया था। इसको लेकर कांग्रेस लगातार विरोध जता रही है। राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
खड़गे ने संसद के मानसून सत्र के दौरान भी कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाते हुए इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया था। बाद में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में उन्होंने अपनी जातीय पहचान के आधार पर कथित अपमान को लेकर चिंता जताई थी।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांगी थी माफी
मामले को लेकर राहुल गांधी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की थी। साथ ही उन्होंने खड़गे के खिलाफ कथित छुआछूत की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
अब राहुल गांधी के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को इस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस बोली- न्याय मांगने पर राहुल के खिलाफ FIR दुर्भाग्यपूर्ण
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा छुआछूत की मानसिकता को बढ़ावा दे रही है। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन न्याय की मांग करने पर उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।
गौतम ने कहा कि कांग्रेस और देशभर के दलित समाज की ओर से इस कार्रवाई का विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे को आने वाले दिनों में व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
उत्तराखंड में आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उत्तराखंड के एआईसीसी प्रभारी सचिव सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि पार्टी पिछले कई सप्ताह से हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण समारोह आयोजित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के बाहर भी प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि वह इस मामले को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जुड़ा मुद्दा मानकर आगे बढ़ाएगी।
भाजपा पर संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर हमला
एआईसीसी पदाधिकारी जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने नेताओं के कथित जातिवादी व्यवहार का बचाव कर रही है और दलित अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि दलित सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान में निहित समानता के मूल्यों से जुड़ा विषय है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे को आने वाले दिनों में उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मुद्दा गरमाया
हल्द्वानी का यह विवाद राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस पहले से ही ‘संविधान बचाओ’ और सामाजिक न्याय के मुद्दों के जरिए भाजपा को घेरती रही है।
अब राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के बाद ‘मंच शुद्धिकरण’ विवाद के और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने के आसार हैं। कांग्रेस जहां देशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है, वहीं इस पूरे मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।

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