उत्तराखंड के शिवम धौंडियाल का सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के लिए चयन, 35 देशों के 1200 आवेदनों में से 25 युवा चुने गए

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समाचार सच, देहरादून। रिपोर्ट-अजय सिंह चौहान
उत्तराखंड के एग्रोप्रेन्योर, पर्यावरणविद् और विकास पेशेवर शिवम धौंडियाल ने प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनका चयन प्रतिष्ठित सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के प्रथम बैच के लिए हुआ है। दुनिया के 35 देशों से प्राप्त करीब 1,200 आवेदनों में से केवल 25 युवा परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ताओं का चयन इस फेलोशिप के लिए किया गया है।

शिवम धौंडियाल वर्तमान में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से एमएससी पर्यावरण विज्ञान (2024-26) की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2015 से वह छंजनतवतहंदपबे के माध्यम से हिमालयी जैव-संसाधनों के मूल्य संवर्धन, टिकाऊ कृषि, ग्रामीण उद्यमिता और वैकल्पिक आजीविका के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं।

उनके कार्यों में हर्बल उत्पादों का विकास, खाद्य प्रसंस्करण, एग्रोफॉरेस्ट्री, कीवी उत्पादन, पॉलीहाउस कृषि और ग्रामीण युवाओं के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ युवाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर तैयार करना है।

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सत्यार्थी फेलोशिप के तहत चयनित 25 फेलो जयपुर स्थित बाल भवन में करीब एक माह के आवासीय एवं सहभागी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान फेलो विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों के साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही सामूहिक सीख और अनुभवों को अपने निर्धारित कार्यों में लागू करने की दिशा में काम करेंगे।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने शिवम धौंडियाल को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के लिए शिवम का चयन विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा, प्रतिबद्धता और सामाजिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों के प्रति निरंतर समर्पण का परिणाम है।

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कुलपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आजीविका और हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास के क्षेत्र में शिवम के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि फेलोशिप के माध्यम से शिवम उत्तराखंड के हिमालयी समाज की चुनौतियों और संभावनाओं को व्यापक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे और अपने अनुभवों से अन्य युवाओं को भी सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करेंगे।

विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों सहित पूरे विश्वविद्यालय परिवार ने भी शिवम धौंडियाल को उनकी उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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