
समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड के चार धामों में एक गंगोत्री के कपाट शुभ लग्न में शनिवार को प्रातः 7.30 पर विधि विधान पूजा अर्चना व वेद मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रीति रिवाज के साथ खोल दिए गए हैं। कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए गंगोत्री के पुजारी समुदाय सेमवाल लोगों ने गंगोत्री के कपाट खोले। ज्ञात हो कि 17 मई को 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री केदारनाथ के कपाट खोले जाएंगे। जबकि 18 मई को प्रातः 4.15 पर श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले जाएंगे।
कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार बिना श्रद्धालुओं के गंगोत्री के कपाट खोले गए। कपाटोद्घाटन पर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा भेंट स्वरूप भेजी गई 1101-1101 रुपये की धनराशि के साथ हुई। ज्ञात हो कि शुक्रवार को शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से मां गंगा की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया गया था। डोली यात्रा भैरोंघाटी स्थित प्राचीन भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के पश्चात आज शनिवार को तड़के गंगोत्री पहुंची। जिसके बाद सुबह साढ़े सात बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट वेद मंत्रोच्चार के बीच खोले गये। इस बार कोविड महामारी के चलते तीर्थ पुरोहितों के गांव मुखबा में कोई विशेष उत्साह नहीं देखा गया।



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