उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, होमस्टे मैनेजर बनकर रोजगार और स्वरोजगार का मिलेगा रास्ता

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CEMCA के सहयोग से आयोजित कौशल विकास कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताए हॉस्पिटैलिटी और उद्यमिता के नए अवसर, प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे बोले— कौशल आधारित शिक्षा ही आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की मजबूत नींव

समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्यालय द्वारा कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया (CEMCA), नई दिल्ली के सहयोग से “हॉस्पिटैलिटी, उद्यमिता एवं रोजगारपरकता” विषय पर एक दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला एनसीवीईटी (NCVET) द्वारा अनुमोदित “असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर (NSQF Level-5)” योग्यता पैक के अनुरूप आयोजित की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने की, जबकि कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के संरक्षण में संपन्न हुआ।

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कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्यक्रम की उपयोगिता, संरचना तथा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से परिचित कराना था। साथ ही कौशल आधारित शिक्षा के महत्व और तेजी से विकसित हो रहे होमस्टे सेक्टर में करियर की संभावनाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में आईएचएम देहरादून के प्रधानाचार्य डॉ. शिव मोहन और जी.बी. पंत इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, हल्द्वानी के निदेशक डॉ. आदर्श पंत ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने हॉस्पिटैलिटी उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं, होमस्टे प्रबंधन, उद्यमिता, स्वरोजगार और कौशल विकास के महत्व पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्य डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुत किए। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में होमस्टे आधारित उद्यमिता युवाओं के लिए भविष्य का मजबूत विकल्प बन सकती है।

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इस अवसर पर पर्यटन विद्यालय के निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी, व्यावसायिक अध्ययन विद्यालय के निदेशक प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट, निदेशक (अकादमिक) प्रो. पी.डी. पंत, डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. विशाल कुमार शर्मा, डॉ. आशीष टम्टा, डॉ. गोपाल दत्त, डॉ. सुधीर नौटियाल, डॉ. विवेक ममगाई, सुश्री प्रिया बोरा, सुश्री रिया गिरी सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्यालय द्वारा किया गया, जबकि अंत में प्रो. पी.डी. पंत ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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