हल्द्वानी: कुंभकरण-मेघनाद वध की लीला का सुंदर मंचन, सुलोचना सती की लीला देखकर भावुक हो गए दर्शन

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समाचार सच, हल्द्वानी। पुर्ननवा महिला समिति द्वारा चल रही पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर हल्द्वानी में महिलाओं की रामलीला रोमांचकारी दौर में पहुंच गयी है। आज नवम दिन रामलीला में कुंभकरण-मेघनाद वध की लीला का सुंदर मंचन किया गया। मंचन के दौरान सुलोचना सती की लीला देखकर दर्शक भावुक हो गए। (क्रमशः नीचे पढ़िए)

आज के दौर में महिलायें सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही है: पुष्कर सिंह धामी
आज की लीला के मुख्यअतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर्वतीय उत्थान मंच हीरानगर में महिलाओं द्वारा आयोजित रामलीला कार्यक्रम हल्द्वानी में पहुंचकर भगवान राम का आशीर्वाद लिया। व प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की श्री धामी ने सभी महिला कलाकारों व दशको को बधाई दी। उन्हांेने कहा आज के दौर में महिलायें सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही है इससे हमारी संस्कृति के साथ कल्चर को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा मातृशक्ति को आगे लाने व उनके उत्थान के लिए देश के माननीय प्रधानमंत्री महिलाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाओं के साथ कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, उज्जवला योजना, स्वच्छ भारत अभियान आदि, उन्होंने कहा कि इसके अंदर प्रधानमंत्री जी का यह भाव था की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सके। ताकि आने वाले समय में मातृशक्ति उत्तराखंड का नेतृत्व ही नहीं देश का नेतृत्व करें। (क्रमशः नीचे पढ़िए)

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सोमवार को लीला मंचन शुरू होने पर कुंभकरण गहरी नींद से जगाया जाता है। कुंभकरण को रावण सारा वृत्तांत सुनाता है। कुंभकरण रावण को समझाता है कि श्रीराम नारायण के अवतार और सीता स्वयं मां जगदंबा है। भगवान विष्णु ने राक्षसों का नाश करने के लिए अयोध्या में नर रुप में जन्म लिया है। रावण क्रोधित होता है कुंभकरण सोच रहा है कि राम के हाथों मरना ही मुझे मुक्ति दिलाएगा। वह युद्ध में लड़ने के लिए जाता है। राम-कुंभकरण में भयंकर युुद्ध होता है।

राम कुंभकरण के सिर, धड़, हाथ सभी काट देते है। कुंभकरण वध के बाद युद्ध में मेघनाद युद्ध में लड़ने के प्रस्थान करता है। लक्ष्मण वानरों की सेना समेत निकुमला देवी का यज्ञ विध्वंस कर देते है। लक्ष्मण मेघनाथ के बीच में भयंकर युद्ध होता है। लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते है। सुलोचना मेघनाथ के सिर गोद में रखकर सती हो जाती है। कुंभकरण का शानदार अभिनय दीप्ति बोरा ने किया। जबकि सुलोचना सती का शानदार मंचन देखकर दर्शकों की आंखों नम हो गई। सुलोचना का शानदार अभिनय शोभा पाण्डे ने किया। इसके साथ ही रावण के किरदार में गीता दर्मवाल, सुग्रीव-प्रिया कश्मीरा, हनुमान-तनुजा जोशी, जामवंत-प्रेमा जोशी, मेघनाथ-सुमन शाह, अंगद -उर्वशी बोरा, मंदोदरी-रीता पाण्डे सहित आदि ने भी दर्शकों को मन मोहा। (क्रमशः नीचे पढ़िए)

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इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक राम सिंह कैड़ा, अनिल कपूर डब्बू, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत आई जी नीलेश आनंद भरणे, डीएम श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट के साथ ही समिति की उपाध्यक्ष यशोदा रावत, प्रचार सचिव सुश्री कल्पना रावत, जानकी पोखरिया, जया बिष्ट, तुलसी रावत, प्रेमा बृजवासी, मंजू बनकोटी, कुसुम बोरा, अंजना बोरा, निर्मला बहुगुणा आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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