समाचार सच, हल्द्वानी। आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति के विरोध में जहां इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रखी। वहीं आयुर्वेद चिकित्सकों ने बांह में गुलाबी रिबन बांधकर फैसले का स्वागत किया। हालांकि आईएमए के विरोध में इमरजेंसी सेवायें जारी रही। सरकार के आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति देने का आईएमए ने पूरी तरह विरोध जताया। विरोधस्वरूप निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखी गई। जबकि निजी अस्पतालो ने अपनी इमरजेंसी सेवाय पूरी तरह बहाल रखी। जिसके चलते निजी अस्पतालों में दूरदराज से आने वाले मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जेएस खुराना ने कहा कि केंद्र सरकार की हर पैथी को अलग-अलग रखना चाहिए। मिक्सोपैथी करने का कोई मतलब नही है। आयुर्वेद डाक्टरों को जब सर्जरी का पहले से ज्ञान नही है तो उन्हें सर्जरी की डिग्री देने का औचित्य नही है। उन्होंने कहा कि भारत मे इस तरह की कवायद ठीक नही है , इससे मरीजो को लाभ होने के बजाय नुकसान अधिक होगा। उधर सर्जरी की अनुमति मिलने पर आयुर्वेद चिकित्सकों ने अपनी बाह में गुलाबी रिबन बांधकर मरीज देखे। उनका कहना है कि आईएमसीसी रेगुलेशन संशोधन का सभी आयुर्वेद डॉक्टरों से स्वागत करते हैं। केंद्र सरकार ने आयुर्वेद में पोस्ट ग्रेजुवेट की एमएस डिग्री हासिल करने का आदेश किया है। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ विनय खुल्लर ने कहा कि इस डिग्री को हासिल करने के बाद 56 तरह के ऑपरेशन किये जा सकेंगे।
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