समाचार सच, हल्द्वानी। लॉकडाउन में अमूमन लोगों को रोजगार जाने और आर्थिक तंगी की समस्या का शिकार होना पड़ रहा हैं। इस सब के बीच आत्महत्या जैसे मामले आ रहे हैं। आत्महत्या के मामले बढ़ने के पीछे लॉकडाउन के बाद उपजी आर्थिक समस्या को इनकार नहीं किया जा सकता। इसमें नौजवान, महिला, किसान और व्यापारी वर्ग भी शामिल हैं। जो इस कोरोना काल के दंश को झेलने में असफल रहे और अंजाम, मौत को गले लगाना। ऐसा ही एक मामला नैनीताल जिले के महानगर हल्द्वानी में भी प्रकाश में आया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ई-रिक्शा चालक ने मौत को गले लगा लिया। बताया जाता है कि उसने ई-रिक्शा ऋण में लिया था जिसकी किश्त न देन पाने से वह तनाव में चल रहा था। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार रामपुर रोड समता आश्रम गली निवासी 28 वर्षीय प्रमोद शर्मा तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। ई-रिक्शा चलाकर वह अपना भरण-पोषण किया करता था। लॉकडाउन के बाद उनके रोजगार पर असर पड़ने लगा और सवारियां न मिलने से वह आर्थिक तंगी से जूझने लगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 11 अक्टूबर को प्रमोद ने अपने घर पर ही जहरीला पदार्थ गटक लिया। हालत बिगड़ने उसके परिजन उसे बेस चिकित्सालय ले आये। जहां देर रात उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार प्रमोद इससे पूर्व भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका है। मृतक प्रमोद के छोटे भाई हैं और इन दोनों का विवाह हो चुका है। जबकि प्रमोद अभी अविवाहित था।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


