कलियुग में हरिनाम ही भवसागर से पार लगाने का सबसे सरल मार्ग: डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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श्रीमद्भागवत कथा में महाभारत प्रसंगों का वर्णन, धर्म और भक्ति का संदेश दिया

समाचार सच, हल्द्वानी। श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति, हल्द्वानी द्वारा श्री दत्तात्रेय आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस में श्रद्धालुओं ने धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान की अमृतधारा का रसपान किया। कथा व्यास डॉ. नवीन चन्द्र जोशी ने महाभारत, शुकदेव जी एवं पांडवों की उत्पत्ति से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है, तब-तब परमात्मा विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि अंततः विजय धर्म की ही होती है। ष्यतो धर्मस्ततो जयःष् के सिद्धांत को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को धर्मानुकूल आचरण और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।

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कथा के दौरान डॉ. जोशी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूर्ण सत्य और योगेश्वर हैं। श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर की ओर अग्रसर करने वाला दिव्य मार्ग है। उन्होंने कहा कि कलियुग में हरिनाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण ही मनुष्य को भवसागर से पार लगाने का सबसे सरल और प्रभावी साधन है।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी परेश यति महाराज ने कहा कि संतों का सान्निध्य और दर्शन मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सत्संग, भजन और ईश्वर चिंतन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

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कथा ज्ञान यज्ञ के संयोजक मोहन पाठक ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ आयोजित किया जा रहा है। यज्ञ एवं पूजन कार्यक्रम में पान सिंह बिष्ट, श्रीमती तुलसी बिष्ट एवं मनोज बिष्ट ने सहभागिता कर धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य लाभ प्राप्त किया।

अनुष्ठान को सफल बनाने में आचार्य प्रकाश चन्द्र जोशी, आचार्य गोविन्द बल्लभ जोशी, प्रमोद जोशी, पं. हेम चन्द्र जोशी, सचिन जोशी सहित अन्य विद्वान आचार्यों ने वेदपाठ एवं यज्ञीय कर्म संपन्न कराए।

समिति के संरक्षक प्रोफेसर डॉ. एस.डी. तिवारी ने बताया कि कथा के आगामी दिवस में समाज सेवा, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित स्वयंसेवकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

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