महाकवि कालिदास के ग्रन्थों में भौगोलिक वर्णन विषय पर गूगल मीट के माध्यम से व्याख्यानमाला
समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित महाकवि कालिदास सप्ताह समारोह के अंतर्गत नैनीताल जनपद में महाकवि कालिदास के ग्रन्थों में भौगोलिक वर्णन विषय पर गूगल मीट के माध्यम से व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि नैनीताल कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रोफेसर जया तिवारी संस्कृत विभागाध्यक्ष थी और कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत भारती की उत्तराखण्ड प्रांत की अध्यक्ष श्रीमती जानकी त्रिपाठी ने की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ कंचन तिवारी ने महाकवि कालिदास का परिचय देते हुए उनके ग्रंथों में वर्णित भौगोलिक स्थिति पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कालिदास संस्कृत साहित्य के ही महान कवि नहीं अपितु समस्त विश्व साहित्य के महान कवि हैं, उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उनके प्रसिद्ध ग्रंथों का विश्व की लगभग सभी मुख्य भाषाओं में अनुवाद हुआ है। उनके ग्रंथों में राजनैतिक सामाजिक और भौगोलिक हर विषय का वर्णन है। स्थानीय वक्ता सहायक निदेशक श्री पद्माकर मिश्र ने महाकवि कालिदास के रचना कौशल पर प्रकाश डाला और उनके ग्रंथों में वर्णित अनेक प्रसंगों पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी से शोधअधिकारी डॉ हरीश गुरनानी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। जनपद संयोजक कमल बेलवाल ने बताया कि इस समय 23 नवम्बर से 29 नवंबर तक संपूर्ण उत्तराखंड में महाकवि कालिदास सप्ताह महोत्सव मनाया जा रहा है इसी क्रम में आज नैनीताल जनपद में यह आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. चंद्रप्रकाश उप्रेती ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ नीरज जोशी, राकेश शर्मा, कैलाश पन्त, डॉ प्रकाश चन्द्र रुवाली, हरीश शर्मा सहित अनेक संस्कृतविद्वान मौजूद रहे।
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