किडनी में दर्द होने को ना करें नजरअंदाज, यह एक गंभीर समस्या बन सकता है

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। गुर्दा यानी किडनी स्पाइन के दोनों तरफ, पसलियों के नीचे और पेट के पीछे मौजूद एक बीन के आकार का बेहद ही महत्वपूर्ण अंग होता है। शरीर में किडनी दो होती हैं और प्रत्येक किडनी लगभग 4 या 5 इंच लंबी होती है। किडनी का मुख्य कार्य खून को साफ और फिल्टर करना होता है। साथ ही ये शरीर से टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकालती है, शरीर के फ्लूइड बैलेंस को कंट्रोल करती और एलेक्ट्रोलाइट्स के सही स्तर को बनाए रखती है। दिन भर में कई बार शरीर का सारा खून किडनी से होकर गुजरता है। दोनों किडनी में लगभग लाखों छोटे-छोटे फिल्टर्स होते हैं, जिसे नेफरॉन्स कहते हैं।

कई बार 10 प्रतिशत ही किडनी कार्य करती है, जिसके ना तो कोई लक्षण नजर आते हैं और ना ही कोई समस्या होती है। यदि किडनी में रक्त का प्रवाह बंद हो जाए, तो किडनी फेल होने की संभावना बढ़ जाती है। कई बार कुछ लोगों को स्पाइन, पसलियों, कमर, पेट में दर्द रहता है, जिसे वे नजरअंदाज कर देते हैं। यह किडनी का दर्द हो सकता है। किडनी में दर्द होना एक गंभीर समस्या है, जिसके कई कारण हो सकते हैं।

किडनी में दर्द होने के कारण?
गुर्दे में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। किडनी शरीर से एक्सेस फ्लूइड और व्यर्थ पदार्थों को बाहर निकालती है। शरीर में जिस जगह पर किडनी होती है, उसके कारण कई बार किडनी दर्द और कमर दर्द में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है। कई बार दोनों किडनी या एक ही किडनी में दर्द हो सकता है। ऐसे में आप निम्न कारणों से पहचान सकते हैं कि आपके कमर में नहीं, बल्कि किडनी में दर्द है-

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किडनी के ब्लड वेसल्स में बाधा आना, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, गुर्दे में घाव होना, किडनी में स्टोन होना, किडनी में इंफेक्शन होना, पॉलिसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी में रक्त का थक्का बनना, किडनी में रक्तस्राव होना, किडनी ट्रॉमा, रेनल ट्यूमर्स या सिस्ट्स

किडनी में दर्द होने के लक्षण-

  • पेट में दोनों तरफ और कमर में दर्द रहना
  • पेशाब में खून आना
  • बार-बार पेशान जाना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • झागदार पेशाब आना
  • ब्लैडर इंफेक्शन
  • उल्टी और जी मिचलाना
  • बुखार आना, ठंड लगना
  • चक्कर आना, थकान महसूस करना
  • सांस में बदूब आना
  • रैशेज
  • मुंह में मेटल जैसा स्वाद आना
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस करना
  • सूजन होना

किडनी के दर्द का इलाज
कई बार किडनी के दर्द का इलाज इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके लिए डॉक्टर सबसे पहले यूरिन टेस्ट के जरिए समस्या को पहचानने की कोशिश करते हैं। अल्ट्रासाउंड भी करते हैं, ताकि किडनी पेन के कारणों का सही से पता चल सके। इलाज में पेल्विस या पेट का एमआरआई भी शामिल है। टेस्ट के रिपोर्ट्स आने के बाद ही इलाज शुरू होता है। इसके लिए आपको दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है। बैक्टीरियल इंफेक्शन से किडनी दर्द है, तो एंटीबायोटिक्स भी डॉक्टर खाने के लिए देते हैं।

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किडनी के दर्द से बचाव
यदि आपको लगातार पेट के दोनों तरफ दर्द हो और ऊपर बताए गए लक्षण नजर आ रहे हैं, तो किसी भी गंभीर स्थिति से बचने के लिए सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। किडनी का दर्द कई बार हल्का, तो कई बार बहुत तेज भी हो सकता है। दर्द की तीव्रता इसके कारणों पर निर्भर करती है। किडनी में स्टोन या कोई इंफेक्शन होने से भी दर्द तेज हो सकता है। सही समय पर इलाज शुरू करने से किडनी से संबंधित किसी भी गंभीर बीमारी के होने से बचा जा सकता है।

किडनी के दर्द का घरेलू उपचार –

  1. पानी कम पीते हैं, तो प्रतिदिन पानी का इनटेक बढ़ाएं। दूसरी तरल पदार्थ भी पिएं।
  2. ग्रीन टी पीने से भी किडनी दर्द को कम किया जा सकता है।
  3. तुलसी का जूस पानी में मिलाकर पीना भी फायदेमंद होता है। खासकर, जब किडनी में पथरी होने के कारण दर्द हो रहा हो।
  4. नींबू पानी पीने से भी दर्द कम होता है।
  5. पेट और कमर के निचले हिस्से में दर्द हो, तो आप हॉट वाटर बैग से भी सिकाई कर सकते हैं।
  6. खट्टे फलों को डायट में करें शामिल।
  7. पार्सले और क्रेनबेरी जूस का सेवन करें।
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