खरमास के दौरान नहीं किया जाता कोई भी शुभ कार्य

खबर शेयर करें

धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक के काल को कहा जाता है खरमास

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून) डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया की धार्मिक मान्यता के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य की चाल धीमी होती है इसलिए इस दौरान किया गया कोई भी कार्य शुभ फल प्रदान नहीं करता है। इस दौरान हिंदू धर्म में बताए गए संस्कार, जैसे मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, नामकरण, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए व्यापार का आरंभ, वधू प्रवेश, सगाई, विवाह आदि कोई भी कार्य नहीं किया जाता है। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया कि धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक के काल को खरमास कहा जाता है। इस काल में सभी शुभ कार्य वर्जित माने गए है। इस काल में भगवान विष्णु की पूजा और भगवान सूर्य की उपासना का विशेष महत्व है। सूर्य ग्रह 16 दिसंबर 2021 को प्रातः 3 बजकर 28 मिनट पर अपनी मित्र राशि धनु राशि में प्रवेश करेंगे, और 14 जनवरी 2022 दोपहर 2 बजकर 29 मिनट तक इसी राशि में रहेंगे। मान्यता है कि सूर्य देव जब भी देवगुरु बृहस्पति की राशि पर भ्रमण करते हैं, तो मनुष्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता ऐसे में उनका सूर्य कमजोर हो जाता है और उन्हें मलीन माना जाता है। सूर्य के मलिन होने के कारण इस माह को मलमास भी कहा जाता है।
पौराणिक कथा – भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते है। सूर्यदेव को कहीं भी रुकने की इजाजत नहीं है। लेकिन रथ के घोड़े लगातार चलने के कारण थक जाते हैं। जब घोड़ों की ऐसी हालत देखकर सूर्यदेव घोड़ों को तालाब के किनारे ले गए, तो देखा कि वहां दो खर मौजूद हैं। भगवान सूर्यदेव ने घोड़ों को पानी पीने और विश्राम देने के लिए वहां छोड़ दिया और खर यानी गधों को रथ में जोड़ लिया। इस दौरान रथ की गति धीमी हो गई। जैसे-तैसे सूर्यदेव एक मास का चक्र पूरा करते हैं। और खर की जगह विश्राम कर चुके घोड़े रथ से जुड जाते हैं। जिससे सूर्य का रथ फिर से अपनी गति में लौट आता है। इस तरह हर साल ये क्रम चलता रहता है। इसीलिए हर साल खरमास का माह आता है।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि, SWAYAM पर शुरू होंगे 5 नए ऑनलाइन कोर्स


नववर्ष 2022 में विवाह के शुभ मुहूर्त

यह भी पढ़ें -   आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में छात्र परिषद का गठन, विद्यार्थियों ने संभाली नेतृत्व की जिम्मेदारी


जनवरी 2022 में खरमास के बाद 22, 23, 24 और 25 ताऱीख को सहालग तेज रहेगी। इसके बाद फरवरी 2022 में 5, 6, 7, 9, 10, 11, 12, 18, 19, 20 और 22 तारीख विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रहेंगे। मार्च 2022 की तो 4 मार्च और 9 मार्च को शादी का शुभ मुहूर्त है। इसके अलावा विभिन्न जातियों के मुहूर्त अलग से भी रहते है। इसके बाद होलाष्टक लग जाएंगे।
अप्रैल 2022 इस माह में 14, 15, 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 24 और 27 तारीख को शादी करना शुभ रहेगा।
मई 2022 – मई में अक्षय तृतीया 2 और 3 के अलावा 9, 10, 11, 12, 15, 17, 18, 19, 20, 21, 26, 27 और 31 तारीख को शादी करना शुभ रहेगा।
जून 2022 – जून में शादी 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 13, 17, 23 और 24 तारीख को शादी करना शुभ रहेगा।
जुलाई 2022 – जुलाई में 4, 6, 7, 8 और 9 तारीख को शुभ मुहूर्त है। (डॉ0 आचार्य सुशांत राज)

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440