सीएम को काले झंडे दिखाने को लेकर गौला खनन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को किया कार्यालय में नजरबंद

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समाचार सच, हल्द्वानी। सीएम को काले झंडे दिखाने पर पुलिस ने गौला खनन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को उनके कार्यालय में नजरबंद कर दिया। इस दौरान उनकी पुलिस ने तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस बल के आगे उनकी एक नहीं चली। रविवार को यानि आज 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री हल्द्वानी पहुंच रहे हैं। उनके आगमन पर गौला खनन संघर्ष समिति से जुड़े तमाम लोग पम्मी सैफी और अरशद अयूब के नेतृत्व में चोरगलिया रोड स्थित कार्यालय में एकत्रित हुए। जहां से सभी लोगों ने सीएम को काले झंडे दिखाने का निर्णय लिया।

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सीएम को काले झंडे दिखाने की भनक जैसे हीबनभूलपुरा पुलिस को मिली थाना प्रभारी मोहम्मद आसिफ खान अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंच कर सभी लोगों को कार्यालय में ही नजरबंद कर दिया। समिति के पम्मी सैफी ने कहा दो साल से कोरोना की वजह से वैसे ही व्यापार मंदा चल रहा है, उपर से सरकार खनन कारोबारियों पर आर्थिक बोझ डालने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि खनन की रॉयल्टी हर जगह 8 से 12 रूपए है जबकि हल्द्वानी और लालकुआं में 31 रूपए की रॉयल्टी ली जा रही है। उन्होंने सरकार पर खनन कारोबार से जुड़े लोगों पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। कहा कि हल्द्वानी और लालकुआं में खनन रॉयल्टी समान की जाए जिससे उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जिस तरह का रवैया सरकार द्वारा बरता जा रहा है उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान पम्मी सैफी के अलावा अरशद अयूब, सतनाम सिंह, मोहम्मद यूनुस, असद आदि समेत तमाम लोग थे।

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