श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गूंजे भक्ति रस के सुर, मोह त्याग और हरी नाम की महिमा पर हुआ मार्मिक प्रवचन

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समाचार सच, हल्द्वानी। त्रिमूर्ति मंदिर के समीप कमलुवागांजा रोड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन का शुभारंभ प्रातःकालीन सर्वदेव पूजन से हुआ। आयोजन हिमालय स्वराज सेवा ट्रस्ट द्वारा कराया जा रहा है। जजमान के रूप में मनोज जोशी व दीपा जोशी मौजूद रहे। पूजन कार्य पंडित संतोष जोशी, राकेश पांडे और पारस बिष्ट के सान्निध्य में विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ।

कथा वाचन करते हुए पूज्य कथा व्यास योगेंद्र जोशी जी ने आज गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। उन्होंने कहा कि यह शरीर पंचतत्वों से बना होते हुए भी अधम कहा गया है, क्योंकि यह मलीनता से भरा है कृ फिर भी हम इसे श्मेराश् कहकर अपनाते हैं। श्मेराश् शब्द हमारे भीतर के अहंकार का प्रतीक है। जब तक मनुष्य अहम नहीं त्यागता, वह परमात्मा के सान्निध्य में नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि मोह ही सभी दुःखों की जड़ है, इसीलिए मोह को त्यागकर हरि नाम का संकीर्तन ही कलयुग में उद्धार का एकमात्र उपाय है।

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कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ट्रस्ट की कार्यकारी अध्यक्ष ममता रूवाली, मुख्य सलाहकार प्रकाश जोशी, कोषाध्यक्ष हेम पंत, हर्षवर्धन पांडे, पारस रूवाली सहित अनेक क्षेत्रीय भक्तगण मौजूद रहे।

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