समाचार सच, हल्द्वानी/बिन्दुखत्ता। उत्तराखंड में आरक्षित वर्ग के साथ हो रहे जाति उत्पीड़न से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया अठावले के कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। गुरूवार को आठवले के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश के सीएम को ज्ञापन प्रेषित कर जातीय उत्पीड़न पर रोक नहीं लगाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञापन में यशपाल आर्य का कहना था कि बिंदुखत्ता काररोड में एक आरक्षित वर्ग का व्यक्ति भवन निर्माण कर रहा है। बगल में रहने वाली एक सामान्य जाति की महिला ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे मकान बनाने से रोक दिया। साथ ही महिला ने सरेआम अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का अपमान किया गया है, जिससे प्रदेश के अनुसूचित जाति स्वयं को अपमानित महसूस कर रही हैं। ज्ञापन में यह कहा गया है कि कर्मचारी नेता दीपक जोशी ने भी आरक्षित वर्ग पर सरेआम टिप्पणी की थी। इस मामले पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पायी है।
ज्ञापन में उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे प्रकरणों को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की। कहा अगर कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से आठवले के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य सहित महिला प्रदेश अध्यक्ष उषा आर्य, संगठन मंत्री जीवन चंद आर्य, उधमसिंह नगर के जिला अध्यक्ष रवि कुमार, विधानसभा अध्यक्ष धनीराम, श्रीमती सुरमा देवी, श्रीमती राधा देवी, श्रीमती तारा देवी, श्रीमती शोभा देवी, महेश आर्य, रमेश, अमित चनियाल, गणेश राम, विक्रम आर्य, विजय टम्टा, नरेश आर्य, प्रमोद कुमार कोहली, जसपाल आर्य आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
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