मजदूरों के कार्य में 8 से 12 घंटे बढ़ाये जाने का ट्रेड यूनियनों ने किया विरोध

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समाचार सच, देहरादून। संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने आज केन्द्र व उत्तराखण्ड राज्य की भाजपा सरकार द्वारा श्रम कानूनों के निलंबन तथा मजदूरों के काम के घण्टे 8 से 12 घंटे बढ़ाने तथा बड़े-बड़े घरानों के पक्ष मे सभी निर्णय लेने के विरोध मे गांधी पार्क के समक्ष विरोध दिवस मनाया। इस अवसर पर सीटू, एटक, इन्टक, एक्टू, बैंक, बीमा, एचएमएस रक्षा आदि प्रतिनिधियों ने सोशल डिस्टेंसिंगग का पालन करते हुए हिस्सेदारी की।

सरकार से मांग की कि तत्काल श्रम कानूनों की बहाली करे और भूखमरी से मजदूरों को निजात दिलाई जाए। इसके साथ ही आयुध निर्माणियों के नीजिकरण का फैसला वापस लिया जाए। हवाई अड्डों का नीजिकरण रोका जाए, लॉक डाउन से बेरोजगार हुए पंजीकृत मजदूरों तथा गैर पंजीकृत मजदूरों को दस हजार रूपए प्रति माह आर्थिक सहयोग मिले। परिवहन सेवाओं को टैक्स छूट, मुआवजा, यात्रियों के किराऐ में छूट, सभी श्रमिकों समुचित सुविधा, स्कीम वर्करों आशा, आंगनबाड़ी को प्रोत्साहन राशि दिए जाने की समुचित सुविधाएं देना आदि अनेक मांगें प्रमुख थी।

इस अवसर पर सीटू अध्यक्ष राजेंद्र नेगी, लेखराज एटक महामंत्री अशोक शर्मा, इन्टक के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, एक्टू इन्देश मैखुरी, बैंक के संयोजक एस एस रजवार, किसान सभा अध्यक्ष सुरेंद्र सजवाण, जनवादी महिला समिति की बबीता अनन्त, भगवनत पयाल, अनन्त आकाश, ओपी सूदी, ए. पी. अमोली, के पी चन्दोला, रविन्द्र नौडियाल, दया कृष्ण पाठक, ईश्वर पाल, पंकज क्षेत्री, गगन काकड़ , नीरज भंडारी, वीरेंद्र क्षेत्री, राम सिंह भंडारी, सतीश धोला खंडी, टीका प्रसाद पोखरियाल, लक्ष्मी नारायण भट्ट, अनिल उनियाल आदि शामिल थे। इसके पश्चात सभी ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस भवन में धरना दिया।

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