उत्तराखंड में बारिश बनी आफत! 71 सड़कें बंद, 20 की मौत, 5 जिलों में 48 घंटे बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही बारिश ने पहाड़ों में तबाही का सिलसिला तेज कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और जनजीवन प्रभावित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राज्य में फिलहाल 71 सड़कें बंद हैं, जबकि इस वर्ष एक अप्रैल से अब तक बारिश और अन्य आपदा संबंधी घटनाओं में 20 लोगों की जान जा चुकी है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हो सकते हैं और 10 से 12 जुलाई तक भी पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है।

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पंतनगर में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 113.8 मिमी बारिश पंतनगर में दर्ज की गई। इसके अलावा भगवानपुर, ऋषिकेश, मुक्तेश्वर, धनोल्टी, नैनीताल, चमोली, टिहरी, चम्पावत और लोहाघाट में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

सबसे ज्यादा प्रभावित चमोली और पिथौरागढ़
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार बारिश और भूस्खलन के कारण 71 सड़कें बंद हैं। इनमें दो राज्य राजमार्ग, एक बीआरओ मार्ग, 16 पीडब्ल्यूडी सड़कें और 52 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सबसे अधिक चमोली में 19 और पिथौरागढ़ में 15 सड़कें बाधित हैं। बागेश्वर, नैनीताल, टिहरी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चम्पावत और अल्मोड़ा भी प्रभावित जिलों में शामिल हैं।

20 लोगों की मौत, कई परिवार प्रभावित
एक अप्रैल 2026 से अब तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं में 20 लोगों की मौत, 23 लोग घायल, 9 बड़े पशुओं की मौत और 670 छोटे पशुओं की क्षति दर्ज की गई है। सात मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और टिहरी सबसे अधिक प्रभावित जिलों में हैं।

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चारधाम यात्रा जारी, प्रशासन अलर्ट
खराब मौसम के बावजूद चारधाम यात्रा जारी है और अब तक 43 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि प्रदेश की प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

प्रशासन की अपील
राज्य सरकार, एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम व सड़क की ताजा जानकारी अवश्य लें।

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