समाचार सच, हल्द्वानी। पुलिस ने बनभूलपुरा क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाकर बिना सत्यापन रह रहे 82 लोगों पर कार्रवाई कर 16 मकान मालिकों के सत्यापन ना कराने के चलते 10- 10 हजार रूपये के चालान काटे। जनपद को अपराध मुक्त…


समाचार सच, हल्द्वानी। पुलिस ने बनभूलपुरा क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाकर बिना सत्यापन रह रहे 82 लोगों पर कार्रवाई कर 16 मकान मालिकों के सत्यापन ना कराने के चलते 10- 10 हजार रूपये के चालान काटे। जनपद को अपराध मुक्त…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक ९ जुलाई २०२५ बुधवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क २५ गते आषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि बुधवार सूर्याेदय ५/२३ बजे सूर्यास्त ७/१० बजे राहु काल १२ बजे…

श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क २४ गते आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि मंगलवार सूर्योदय ५/२२ बजे सूर्यास्त ७/११ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२ बजे से १२/४८…

कटिचक्रासन एक योगासन है जो कमर, पेट, कूल्हे और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास से कमर की चर्बी कम होती है, पाचन क्रिया दुरुस्त होती है और तनाव से राहत मिलती है। कटिचक्रासन के लाभकमर और…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक ७ जून २०२५ सोमवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क २३ गते आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि सोमवार सूर्याेदय ५/२२ बजे सूर्यास्त ७/११ बजे राहु काल ७/३० बजे…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आयुर्वेद में अंजीर को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। खासतौर पर अंजीर वाला पानी कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। रातभर पानी में भिगोकर रखे गए अंजीर सुबह…

समाचार सच, नैनीताल। जनपद नैनीताल में सार्वजनिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में मल्लीताल थाना पुलिस ने डीएसए ग्राउंड में सार्वजनिक रूप से हुक्का पी रहे तीन युवकों को रंगे…

समाचार सच, नैनीताल। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने चलती गाड़ी से स्टंटबाजी करने वालों पर कार्रवाई की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर नैनीताल पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तेज रफ्तार वाहन में स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में चार्तुमास का विशेष महत्व होता है। यह एक ऐसा आध्यात्मिक काल है जो हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से शुरू होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) तक चलता है। इस वर्ष…