समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ‘लोकः भाद्रशुक्लचतुर्थ्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा। अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदुःखभाग’ उपरोक्त श्लोक के अनुसार जो व्यक्ति जानबूझ कर अथवा अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह अभिशप्त होगा। उसे बहुत दुःख उठाना पड़ेगा। उपरोक्त श्लोक के अनुसार…











