समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा-पाठ का अत्यंत महत्व होता है. पूजा-अर्चना के दौरान भगवान को भक्तों द्वारा तिलक लगाने का विधान है। साथ ही आरती होने के बाद भक्तों के माथे पर भी तिलक लगाया…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा-पाठ का अत्यंत महत्व होता है. पूजा-अर्चना के दौरान भगवान को भक्तों द्वारा तिलक लगाने का विधान है। साथ ही आरती होने के बाद भक्तों के माथे पर भी तिलक लगाया…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। झाड़ू से घर और बाहर की सफाई करते हैं। झाड़ू को लेकर भारतीय संस्कृति और परंपरा में कई तरह की मान्यताऐं प्रचलित है। जैसे संध्याकाल और रात्रि में झाड़ू लगाने की मनाही है। झाड़ू को कभी…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। घर में बड़े-बुजुर्ग हमेशा जूते-चप्पलों को लेकर टोकते रहते हैं। अधिकतर लोगों को तो यह उलझन लगती है लेकिन इसके पीछे का लॉजिक कोई नहीं जानता। हालांकि बड़े बुजुर्गों के टोकने पर तुरंत चप्पल सीधी कर…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। वास्तु शास्त्र के जरिए केवल घर-मकान से जुड़े दोष या स्थान और दिशा से जुड़ी दिक्कतों का ही निवारण नहीं होता बल्कि इंसान की रोजाना की दिनचर्या पर भी वास्तु का प्रभाव पड़ता है। वास्तु जीवन…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त सुबह-शाम घर के मंदिर को प्रज्वलित कर अपने आराध्य के समक्ष शीश झुका आराधना में लिप्त रहते हैं। लेकिन, मान्यतानुसार सुबह और शाम के समय…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ज्योतिषशास्त्र में कुछ योगों को राजयोग कहा गया है। यह विशेष शुभ योग होता है और जिनकी कुंडली में यह योग पाया जाता है, उनका जीवन राजा के समान होता है। कुछ राज योग तो वास्तव…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। भारतीय ज्योतिष, वास्तु और हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, दक्षिण या पूर्व दिशा में पैर करने नहीं सोना चाहिए। इस दिशा में पैर करने सोने से शारीरिक और मानसिक क्षरण होने की बात कई जाती है।…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार भोजन करते वक्त दिशा का ध्यान रखा जाता है। जैसे दक्षिण दिशा में मुंह करके भोजन नहीं करते हैं। इस प्रकार से भोजन की थाली जब परोसी जाती है तो…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शनिवार, 16 अप्रैल को श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की जयंती है। हनुमान जी का जन्म त्रेता युग में केसरी और अंजनी के यहां हुआ था। माता सीता ने उन्हें अजर-अमर होने का वरदान दिया…