चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने किया 30 अक्टूबर को गांधी पार्क में सत्याग्रह करने का ऐलान

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समाचार सच, देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने 30 अक्टूबर को राज्य भर के आंदोलनकारियों से देहरादून चलो का आह्वान किया है। आज शहीद स्मारक पर तमाम राज्य आंदोलनकारियों के संगठनों की सभा को संबोधित करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने आंदोलनकारी एकता को समय की सबसे बड़ी मांग बताते हुए कहा की राज्य सरकार आंदोलनकारियों के मसले पर कुंभकरण की नींद सोई हुई है। बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने 30 अक्टूबर के सत्याग्रह को “संघर्ष पर्व” की संज्ञा देते हुए राज्य भर के आंदोलनकारियों से 30 अक्टूबर को गांधी पार्क चलो का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पानी अब सर से उपर निकल चुका है। जिस तरह से उत्तराखंड का निर्माण करने वाले आंदोलनकारियों की मांगों को सरकार अपने पैरों से कुचलने पर लगी है यह राज्य के राजनीतिक इतिहास का काला अध्याय है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग, उनके दिवंगत आंदोलनकारियों के परिवारों को पेंशन दिए जाने की मांग, शहीदों के सपनों के अनुरूप गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग ऐसे तमाम सवाल हैं जिन पर सरकार चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर कांड के मामले में सरकार की गैर जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 6 महीने से इस मामले में एक भी सुनवाई नहीं हुई है लेकिन मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार ने इसका संज्ञान लेना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारी अब “अभी नहीं तो कभी नहीं ” का नारा लेकर 30 अक्टूबर को सड़कों पर उतरेंगे और यदि उसके बाद भी सरकार ने मांग नहीं मानी तो संभव है कि 9 नवंबर के राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में यदि कोई जन विरोध होता है तो उसकी कोई जिम्मेदारी आंदोलनकारियों की नहीं होगी। आज की आंदोलनकारियों की बैठक जिसकी अध्यक्षता आंदोलनकारी ओमी उनियाल ने की। इसमें आंदोलनकारियों ने एक स्वर से राज्य सरकार के आंदोलनकारी विरोधी रुख की कड़ी निंदा की। सभा का संचालन राज्य आंदोलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने किया। प्रेस वार्ता में समिति के केंद्रीय संयोजक पूर्व राज्य मंत्री मनीष नागपाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए राज्य सरकार को आंदोलनकारियों की दुश्मन सरकार करार दिया। इस मौके पर समिति की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, समिति के केंद्रीय संरक्षक देवी प्रसाद व्यास और समिति के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता भुपेंद्र सिंह लिंगवाल ने राज्य सरकार की आन्दोलनकारी विरोधी नीति को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। पत्रकार वार्ता मे समिति के केन्द्रीय उपाध्यक्ष पीयुष गौड, जिलाधिकारी विशभंर बौठियाल, देहरादून शहर अध्यक्ष सुशील बगासी और महामन्त्री अजय माथुर मौजूद थे।

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