समाचार सच, देहरादून। कोविड-19 का असर पिछली बार भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) पासिंग आउट परेड (पीओपी) में भी साफ तौर पर देखा गया था। कोविड का असर भले ही अभी तक भी कम नहीं हुआ है, लेकिन इस बार आईएमए प्रशासन कुछ पाबंदियों के साथ प्रति कैडेट्स दो परिजनों को पीओपी में शामिल होने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। ताकि कम से कम माता-पिता या खास रिश्तेदार इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बन सकें। भारतीय सैन्य अकादमी में हर साल दो बार पासिंग आउट परेड होती है, जिसमें देश-विदेश के सैकड़ों की संख्या में कैडेट्स पासआउट होकर देश की आन-बान-शान की रक्षा की कसम खाकर सेना की मुख्य धारा में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल होते हैं। हर साल पीओपी में शामिल होने के लिए कैडेट्स के परिजनों को बुलाया जाता है, लेकिन पिछली बार जून में कोविड-19 के प्रकोप के कारण आईएमए में कैडेट्स के परिजनों को नहीं बुलाया गया। इस बार 12 दिसंबर को पीओपी आयोजित की जाएगी। आईएमए प्रशासन इस बार प्रति कैडेट्स दो परिजनों को परेड में शामिल होने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
आईएमए पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल हिमानी पंत ने बताया कि अभी तक यह फाइनल नहीं हुआ है लेकिन, इस पर विचार किया जा रहा है। कहा कि जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक तौर पर जानकारी दी जाएगी। कहा कि जो भी पीओपी में शामिल होगा, उसका कोरोना संक्रमित न होने का सर्टिफिकेट अनिवार्य किया जाएगा। जिसके पास सर्टिफिकेट नहीं होगा, उसकी आईएमए में जांच की जाएगी।
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