कॉर्बेट के ढिकाला जोन में पर्यटकों की बंपर डिमांड, 21 दिसंबर तक नाइट स्टे की बुकिंग फुल

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15 नवंबर से शुरू होगा नया पर्यटन सत्र, बुकिंग खुलते ही सभी कमरे हुए आरक्षित; 7 नवंबर को खुलेगी अगली बुकिंग

समाचार सच, रामनगर डेस्क।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सबसे लोकप्रिय ढिकाला पर्यटन जोन में रात्रि विश्राम को लेकर पर्यटकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मानसून के बाद 15 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए खुलने जा रहे इस जोन में ऑनलाइन बुकिंग शुरू होते ही सभी उपलब्ध कमरे आरक्षित हो गए हैं। स्थिति यह है कि ढिकाला में 21 दिसंबर 2026 तक रात्रि विश्राम के लिए बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है। जंगल के बीच रात बिताने, रामगंगा नदी के मनोरम नजारे देखने और बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार की उम्मीद में पर्यटकों ने बुकिंग खुलते ही तेजी दिखाई।

पहले और दूसरे स्लॉट में पहले ही दिन फुल हुई बुकिंग
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला के अनुसार, ढिकाला जोन में रात्रि विश्राम के लिए नियमानुसार यात्रा की तारीख से 45 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में पहला बुकिंग स्लॉट 4 अक्टूबर 2026 को खोला गया था। इस स्लॉट में 15 से 21 नवंबर तक के लिए आरक्षण किया जाना था। बुकिंग शुरू होते ही पर्यटकों ने उपलब्ध कमरों को आरक्षित करा लिया और पूरे सप्ताह की बुकिंग फुल हो गई।

इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को दूसरे स्लॉट की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की गई। इसमें 22 नवंबर से 21 दिसंबर तक रात्रि विश्राम के लिए आरक्षण की सुविधा दी गई थी। दूसरे स्लॉट में भी पहले ही दिन सभी उपलब्ध कमरे बुक हो गए। इस तरह ढिकाला जोन खुलने से पहले ही अगले करीब 45 दिनों तक रात्रि विश्राम के लिए पर्यटकों को जगह मिलना मुश्किल हो गया है।

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जंगल के बीच रात बिताना पर्यटकों की पहली पसंद
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश-विदेश में वन्यजीव पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। इसके विभिन्न पर्यटन जोनों में ढिकाला की अलग पहचान है। यहां की विशाल घासभूमियां, घने जंगल, रामगंगा नदी और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

ढिकाला की सबसे बड़ी खासियत जंगल के भीतर बने ऐतिहासिक विश्राम गृहों में रात्रि विश्राम का अनुभव है। सामान्य डे सफारी की तुलना में जंगल के बीच रात बिताना पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने का अवसर देता है। सुबह की ताजी हवा, घास के मैदानों के मनोरम दृश्य और वन्यजीवों की मौजूदगी इस अनुभव को खास बनाते हैं। यही वजह है कि मानसून के बाद ढिकाला जोन खुलने का इंतजार पर्यटक हर साल बेसब्री से करते हैं।

कॉर्बेट के अन्य जोनों में भी मिलेगी रात्रि विश्राम की सुविधा
ढिकाला के साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अन्य पर्यटन जोनों में भी रात्रि विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध है। हर साल मानसून के दौरान 15 जून के बाद जंगल के भीतर स्थित विश्राम गृहों में नाइट स्टे की सुविधा बंद कर दी जाती है। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ पर्यटकों को फिर से इन विश्राम गृहों में ठहरने का मौका मिलेगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ढिकाला परिसर में करीब 30 कमरे और 12 डॉरमेट्री बेड हैं। गैरल परिसर में छह कमरे और आठ डॉरमेट्री बेड की व्यवस्था है। इसके अलावा सुल्तान और मलानी में दो-दो कमरे, बिजरानी में सात, ढेला में दो, झिरना में चार, पाखरो में दो और सोनानदी क्षेत्र में भी दो कमरे पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं। इन सभी स्थानों पर आरक्षण उपलब्धता और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है।

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7 नवंबर को खुलेगी अगली बुकिंग
ढिकाला जोन में रात्रि विश्राम के लिए अगली ऑनलाइन बुकिंग 7 नवंबर 2026 को खुलने की जानकारी दी गई है। ऐसे में यहां ठहरने की योजना बना रहे पर्यटकों को अगली बुकिंग अवधि का इंतजार करना होगा। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि आरक्षण कराने से पहले संबंधित तारीखों की उपलब्धता और बुकिंग संबंधी नियमों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि रेस्ट हाउस और सफारी की बुकिंग केवल पार्क की आधिकारिक वेबसाइट www.corbettgov.org के माध्यम से ही कराएं। अनधिकृत वेबसाइटों और एजेंटों के जरिए बुकिंग कराने से धोखाधड़ी का खतरा हो सकता है।

पर्यटन कारोबार को भी मिलेगी रफ्तार
ढिकाला जोन की बंपर बुकिंग को रामनगर के पर्यटन कारोबार के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल, रिसॉर्ट, स्थानीय परिवहन, गाइड और अन्य पर्यटन व्यवसायों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, ढिकाला जोन में 21 दिसंबर तक रात्रि विश्राम की बुकिंग फुल होना कॉर्बेट के वन्यजीव पर्यटन के प्रति पर्यटकों के आकर्षण को दर्शाता है। अब पर्यटकों की नजरें 7 नवंबर को खुलने वाली अगली बुकिंग पर टिकी हैं।

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