किस समय घंटी या शंख बजाना माना जाता है शुभ, देवी-देवता हो सकते हैं प्रसन्न, जानें नियम

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में घंटी और शंख महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पीतल की घंटी हो या फिर शंख इनकी ध्वनि से वातावरण में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। इसके साथ ही देवी-देवता भी अति प्रसन्न होते हैं। इसकी ध्वनि से मन एकाग्र होने के साथ आपका पूजा में ध्यान केंद्रित होता है। दुष्ट शक्तियां दूर होने के साथ-साथ देवी-देवता की
कृपा प्राप्त होती है। जिस तरह इसे विधिवत तरीके से बजाया जाता है। इसके साथ ही इसे सही दिशा से रखने के साथ-साथ किस समय बजाना चाहिए ये भी जरूरी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, आप दिन में किसी भी समय घंटी या फिर शंख बजा सकते हैं लेकिन इस समय इन्हें बजाने की मनाही होती है। आइए जानते हैं इसके बारे में…

किस समय घंटी या शंख बजाना माना जाता है शुभ
घंटी या शंख को पूजा के समय से लेकर विशिष्ट नियमों, अनुष्ठानों के साथ देवता को स्नान के समय से लेकर भोग लगाते समय घंटी बजाई जाती है। पूजा के दौरान भोग लगाते समय पांच बार घंटी बजाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान भोग को जल्दी स्वीकार करते हैं। आरती के समय अपने दाहिने हाथ से केवल तीन बार ही बजाएं।

किस समय घंटी या शंख बजाना माना जाता है शुभ
शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद अगर आप आरती या पूजा करते हैं, तो घंटी या फिर शंख बजाने की मनाही होती है, क्योंकि इस समय देवी-देवता विश्राम में चले जाते हैं। ऐसे में ध्वनि नाद करने से विश्राम में विघ्न उत्पन्न होता है जिससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

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कौन सी घंटी बजाना माना जाता सबसे शुभ
बता दें कि पीतल की बनी घंटी की ध्वनि वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत नष्ट कर देती है और सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ाती है। सबसे शुभ घंटी वह होती है, जिस पर गरुड़ की नक्काशी हो। इसे गरुड़ घंटी कहा जाता है।

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घर पर कौन सा शंख रखना माना जाता है सबसे शुभ
हिंदू धर्म में शंख को अत्यंत पवित्र और शुभ प्रतीक माना गया है। यह भगवान विष्णु का प्रिय वस्त्र है और महालक्ष्मी जी के आवास का प्रतीक भी माना जाता है। इसे घर में रखने से धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। अगर आप शंख बजाने के लिए लाना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा दक्षिणावर्ती माना जाता है। ये महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे घर में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा होने के साथ-साथ घर में धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कमी नहीं होती है।

किस दिशा में रखें शंख
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शंख को पूजा स्थान के दाईं ओर रखना चाहिए। इसके अलावा पूजा कक्ष में उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। इसे कभी भी खाली न रखें इससे वास्तु दोष लगता है। इसलिए इसमें हमेशा गंगाजल या फिर शुद्ध जलभर कर रखें।

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