राज्य विश्वविद्यालयों के लिये स्वायत्ता और जवाबदेही दोनों ही अहम: राज्यपाल गुरमीत सिंह

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समाचार सच, देहरादून। राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों के लिये स्वायत्ता और जवाबदेही दोनों ही अहम हैं। राज्य विश्वविद्यालय स्वायत्ता का महत्व समझे तथा जनहित के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करें।

राज्यपाल ने राजभवन में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों तथा उच्च शिक्षा के अधिकारियों की बैठक ली। निर्देश दिये कि राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति मिशन मोड पर कार्य करें। साथ ही विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्तर, छात्र-केन्द्रित व्यवस्था, ब्राण्डिंग, इमेंजिग, उच्च मापदण्ड को बनाये रखने पर विशेष ध्यान दिये। राज्यपाल ने कहा कि आज उच्च शिक्षा में रिसर्च, तकनीकी, गुणवत्ता में निवेश का समय है। निर्देश दिये कि राज्य में उच्च शिक्षा के उन्नयन के लिये सभी विश्वविद्यालयों को समरसता के साथ कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य है कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सबकों मिले। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समन्वित प्रयासों से समाधान खोजना होगा। विश्वविद्यालयों को आधुनिकीकरण, ट्रांसफोर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटिलाइजेशन व नई टेक्नोलॉजी के लिये कार्य करना है। कोविड काल ने शिक्षा जगत को स्वायत्ता के बहुत से अवसर दिये हैं।

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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय नई सोच, आधुनिकतम विचारों व रेव्यूलूशनरी विजन के संवाहक हैं। हमें अपनी प्राचीन संस्कृति, संस्कृत भाषा, आयुर्वेद के संरक्षण के साथ ही इसे आधुनिकतम तकनीकी के साथ समन्वित करके वैश्विक मंच पर पहचान दिलानी हैं। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में शैक्षणिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिये गये गांवों की जानकारी तथा कुलपतियों द्वारा अपने विश्वविद्यालयों के सम्बन्ध में विजन, मिशन एवं महत्वकांक्षाओं की जानकारी राजभवन को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने मेधावी छात्रों को राजभवन में सम्मानित करने की बात भी कही।

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इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राज्यपाल डॉ रंजीत कुमार सिन्हा, विधि परामर्शी अमित कुमार सिरोही, जीबी पन्त विश्वविद्यालय के वीसी डॉ तेज प्रताप, कुमाऊं विश्वविद्यालय के वीसी डॉ एनके जोशी, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के वीसी डॉ सुनील कुमार जोशी, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के वीसी नरेन्द्र सिंह भण्डारी, दून विश्वविद्यालय की वीसी डॉ सुरेखा डंगवाल, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के वीसी ओपी नेगी सहित सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

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