समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष 16 दिनों का होता है इसलिए इसे सोलह श्राद्ध कहते हैं। पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक 16 श्राद्ध यानी सोलह तिथियां होती हैं। प्रत्येक तिथि का अलग अलग महत्व है। किस किसी के भी…
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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष 16 दिनों का होता है इसलिए इसे सोलह श्राद्ध कहते हैं। पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक 16 श्राद्ध यानी सोलह तिथियां होती हैं। प्रत्येक तिथि का अलग अलग महत्व है। किस किसी के भी…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस वर्ष भाद्रपद पूर्णिमा 17 सितम्बर 2024, दिन मंगलवार को मनाई जा रही है। इसी दिन पूर्णिमा का श्राद्ध भी रहेगा, क्योंकि इसी दिन से पितृ श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो रहे हैं। प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार पितृ पक्ष यानी श्राद्ध महालय भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आरंभ हो रहे हैं। इस वर्ष पितृ पक्ष का 17 सितंबर 2024 मंगलवार से शुरू हो…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून)। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने आज राजधानी देहरादून मे जानकारी देते हुये बताया की अनंत चतुर्दशी तिथि का आरंभ 16 सितंबर को दिन में 3 बजकर 11 मिनट पर दोपहर बाद आरंभ होगा। वहीं, 17…
समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। इस साल का पहला पितृ पक्ष प्रारंभ होने जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि, पितृ पक्ष के 15 दिनों को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अहम माना गया है। इस अवधि में पूर्वजों…
समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। शमी के पेड़ का संबंध शनिदेव से होता है और यह भगवान शिव का भी प्रिय है। वहीं वास्तु में भी इसे बहुत ही शुभ माना गया है। शमी के पेड़ को घर में लगाने के…
समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। देशभर में गणेश चतुर्थी की शुरुआत 7 सितंबर यानी आज से हो चुकी है। चौतरफा बप्पा के नारों की गूंज है। ऐसे में अगर आप भी गणपति की कृपा पाना चाहते हैं, तो 10 दिन के…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गणेश उत्सव पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनया जा रहा है। यदि आप भी गणेश चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता श्री गणपति बप्पा को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इस दिन राशि अनुसार भोग अर्पित…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। श्राद्ध पक्ष में पितृगणों (पितरों) के निमित्त तर्पण व ब्राह्मण भोजन कराने का विधान है किंतु जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इसे उचित रीति से नहीं करते जो कि दोषपूर्ण है क्योंकि शास्त्रानुसार ‘पितरो वाक्यमिच्छन्ति…