श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु कन्यार्क १२ गते आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी तिथि १८ घटी तक तत्पश्चात एकादशी तिथि शुक्रवार सूर्योदय ६/८ बजे सूर्यास्त ५/५९ बजे राहु काल १०/३० बजे से १२ बजे तक अभिजीत मुहूर्त…


श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु कन्यार्क १२ गते आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी तिथि १८ घटी तक तत्पश्चात एकादशी तिथि शुक्रवार सूर्योदय ६/८ बजे सूर्यास्त ५/५९ बजे राहु काल १०/३० बजे से १२ बजे तक अभिजीत मुहूर्त…

समाचार सच, जानकारी। त्यौहारों का सीजन शुरू होने वाला है। नवरात्रि से लेकर दीपावली तक एक के बाद एक त्यौहारों की लाइन लगी रहेगी। वैसे त्यौहारों के आने से एक्साइटमेंट तो बनी रहती है लेकिन काम की टेंशन भी अलग…

सहयोग फाउंडेशन द्वारा “बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर एक दिवसीय कार्यशाला” का आयोजन समाचार सच, यूएसनगर/दिनेशपुर। सहयोग फाउंडेशन द्वारा वैश्वीकृत तकनीकी दुनिया का हिस्सा बनने के लिए, बौद्धिक संपदा अधिकार जागरूकता पैदा करने और नवाचार की संस्कृति बनाने पर एक…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। वर्ष 2024 में इस बार श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर, दिन मंगलवार से हो चुकी हैं तथा 16 दिवसीय श्राद्ध महालय का भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से प्रारंभ होकर आश्विन कृष्ण अमावस्या के दिन यानि 02…

सूर्यग्रहण 2024: यह राशि वाले सूर्यग्रहण को कर लें ये विशेष उपाय, नहीं तो मुसीबतें घेर लेंगीसमाचार सच, अध्यात्म डेस्क। साल 2024 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगने जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रहण…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में कई सारे ऐसे उपाय बताए गए हैं जिसे करने से जीवन की सारी परेशानियां खत्म हो सकती हैं। बता दें कि ज्योतिष और वास्तु की दृष्टि में मोर का पंख बहुत…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २६ सितम्बर २०२४ बृहस्पतिवार का पंचांग श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु कन्यार्क ११ गते आश्विन मास कृष्ण पक्ष नवमी तिथि १५ घटी ४५ पला तत्पश्चात दशमी तिथि बृहस्पतिवार सूर्याेदय ६/७…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष का दशमी श्राद्ध 26 सितंबर दिन गुरुवार को है। इस साल दशमी श्राद्ध के दिन 7 शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसकी वजह से यह दिन और भी महत्व पूर्ण बन गया है। दशमी…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। वैदिक पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष के 16 दिनों में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करते हैं। यह 16 दिन का दौर श्राद्ध के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है।…