समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गुरुवार, 3 अक्टूबर से शारदीय यानी आश्विन मास की नवरात्रि शुरू हो रही है। इस साल नवरात्रि की तिथियों में घट-बढ़ रहेगी, लेकिन नवरात्रि पूरे नौ दिन की ही रहेगी। 11 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गुरुवार, 3 अक्टूबर से शारदीय यानी आश्विन मास की नवरात्रि शुरू हो रही है। इस साल नवरात्रि की तिथियों में घट-बढ़ रहेगी, लेकिन नवरात्रि पूरे नौ दिन की ही रहेगी। 11 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 16 श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध 2 अक्टूबर 2024 बुधवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन सूर्य ग्रहण भी रहेगा और गांधी जयंती भी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में तर्पण और…

समाचार सच, हल्द्वानी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एचएन इंटर कॉलेज में विशाल एकत्रीकरण कार्यक्रम किया। इसमें हल्द्वानी क्षेत्र के 1800 से अधिक स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। आयोजन में स्वयंसेवकों ने दंड, शारीरिक, घोष, नियुद्ध एवं संचलन का सुंदर प्रदर्शन किया।…

जेही विधि नाथ, हुई हित मोरा करहु सो बेगी, दास मैं तोरा समाचार सच, हल्द्वानी। कुमाऊं की प्राचीनतम रामलीला मंचन के दूसरे दिन नारद मोह लीला का आनंद दर्शकों ने उठाया। जहां भगवान विष्णु ने देवर्षि नारद के मन में…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। अगर अमावस्या तिथि पितृ पक्ष में आती है, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। पितृ पक्ष में आने वाली अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या या सर्व पितृ…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिन्दू धर्म में हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर पड़ने वाली अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। सर्वपितृ अमावस्या के साथ ही पितृपक्ष का समापन होता है। ऐसी मान्यता है…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक ३० सितम्बर २०२४ सोमवार का पंचांग श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु कन्यार्क १५ गते आश्विन मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि सोमवार सूर्याेदय ६/१० बजे सूर्यास्त ५/५५ बजे राहु काल ७/३०…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। श्राद्ध पक्ष में आने वाली आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के श्राद्ध का खास महत्व है। इस श्राद्ध को करने से मृत बच्चों की आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें नया जन्म लेने…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृदोष के संबंध में ज्योतिष और पुराणों की अलग अलग धारणा है लेकिन यह तय है कि यह हमारे पूर्वजों और कुल परिवार के लोगों से जुड़ा दोष है। श्राद्ध तीन पीढ़ियां पितृ, पितामाह और परपितामाह…