बादल फटने से तबाही, तीन बच्‍चों समेत चार शव बरामद, पांच लापता

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देहरादून/पिथौरागढ़ 30 अगस्त। उत्‍तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ की धारचूला तहसील और नेपाल के गांव में एक साथ बादल फटने से रविवार रात भारी तबाही मची है। धारचूला तहसील से 12 किमी दूर कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग से लगे जुम्मा गांव का संपर्क शेष जगत से कट गया है। सर्वाधिक तबाही इसी गांव में मची है। गांव के नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिसमें रेस्‍क्‍यू अभियान में अब तक तीन बच्‍चों समेत चार शव बरामद कर लिए गए हैं। गांव में कई मकान क्षतिग्रस्‍त हो गए हैं।

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एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व दल मौके पर पहुंचकर रेस्‍क्‍यू अभियान चला रहा है। हाइवे सहित सभी पैदल मार्ग बंद होने से गांव तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं नेपाल के सिरबगड़ में बादल फटने से आए मलबे से काली नदी का प्रवाह रोक दिया। जिसके चलते धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना के प्रशासनिक कार्यालय और कॉलोनी तक काली नदी का पानी जमा हो गया। कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने दहशत के साए में तीन मंजिला भवन की छत पर रात गुजारी।

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धारचूला में अंतरराष्ट्रीय झूला पुल तक पानी पहुंच गया। रात को एसडीएम और पुलिस ने नदी किनारे स्थित मकानों में रहने वाले लोगों को सजग किया। जुम्मा के खातपोली में दो महिलाएं औऱ जामुनी तोक में 6 से 7 लोग तक लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के सिरबगड में बादल फटने से आए मलबे से काली नदी का प्रवाह रोक दिया। जिसके चलते 280 मेगावाट की धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना के प्रशासनिक कार्यालय और कालोनी तक काली नदी का पानी जमा हो गया। कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने दहशत के साए में तीन मंजिला भवन की छत पर रात गुजारी। इस दौरान नदी का पानी बहने लगा। धारचूला में अंतरराष्ट्रीय झूला पुल तक पानी पहुंच गया। रात को एसडीएम और पुलिस ने नदी किनारे स्थित मकानों में रहने वाले लोगों को सजग किया। जुम्मा के खातपोली में दो महिलाएं औऱ जामुनी तोक में 6 से 7 लोग तक लापता बताए जा रहे हैं।

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