अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन-सी, आयरन, एंटी-स्ट्रेस और एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं

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Elements like protein, calcium, vitamin-C, iron, anti-stress and anti-oxidants are found in abundance in Ashwagandha.

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आयुर्वेद में अश्वगंधा के कई फायदों के बारे में बताया गया है. फिर चाहे महिला हो या पुरुष दोनों के लिए अश्वगंधा किसी वरदान से कम नहीं है। अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन-सी, आयरन जैसे तत्व पाए जाते हैं। वहीं इसके अंदर एंटी-इन्फ्लेमेट्री, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-स्ट्रेस और एंटी-ऑक्सीडेंट जैसी खूबियां भी मौजूद होती हैं। सवाल यह है कि महिलाओं के लिए अश्वगंधा किस तरीके से फायदेमंद है? आइए जानते हैं महिलाओं को कितनी मात्रा में अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए।

एंटी एजिंग से कैसे बचाता है अश्वगंधा
अश्वगंधा के अंदर एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं जो फ्री रेडिकल को दूर करने में उपयोगी होते हैं। इसके अलावा यह बढ़ती उम्र को रोकने में भी मददगार है। बता दें कि अश्वगंधा के अंदर पॉलीफिनॉल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो त्वचा के लिए बेहद उपयोगी है। ऐसे में इसे खाने से महिलाओं में एजिंग के लक्षण कम होते नजर आ सकते हैं।

मेनोपॉज के दौरान करता है मदद
अश्वगंधा महिलाओं में हॉर्मोंन्स के सिक्रेशन को रेगुलेट करता है। अश्वगंधा एंडोक्राइन सिस्टम (ग्लैंड जो हॉर्मोंन्स को सीधे ब्लड स्ट्रीम में पहुंचाता है) को उत्तेजित करता है। यह मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्या जैसे हॉट फ्लैश, मूड स्विंग्स और चिंता में भी बहुत उपयोगी है।

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घुटनों के दर्द को कम करने में मददगार
यदि महिलाएं घुटने के दर्द से परेशान हैं तो भी अश्वगंधा खाकर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। बता दें कि अश्वगंधा के अंदर एंटी इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं जो न केवल सूजन से राहत दिलाने में उपयोगी हैं बल्कि दर्द को कम करने के लिए अश्वगंधा महिलाओं के बेहद काम आ सकता है।

थायरॉइड से राहत दिलाता है अश्वगंधा
जो महिलाएं थायरॉइड की समस्या से परेशान हैं वे अपनी डाइट में अश्वगंधा को शामिल कर सकती हैं। बता दें कि अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ऐसे में यह थायरॉइड ग्रंथि की कार्य प्रणाली में सुधार करने में उपयोगी हैं। महिलाएं नियमित रूप से अश्वगंधा के सेवन से थायरॉइड की समस्या को दूर कर सकती हैं।

वजाइनल इंफेक्शन से राहत
वजाइना में होने वाले इन्फेक्शन से बचने में भी अश्वगंधा बहुत मदद करता है। अश्वगंधा के अंदर एंटीबैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं जो न केवल वजाइनल इन्फेक्शन को दूर करने में उपयोगी है बल्कि इसके सेवन से वजाइना में खुजली, सूजन की समस्या और दुर्गंध आने की समस्या को भी दूर किया जा सकता है।

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अश्वगंधा का कितना सेवन करना चाहिए?
एक स्वस्थ व्यक्ति अश्वगंधा की सूखी जड़ का 3 से 6 ग्राम खुराक का सेवन कर सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च भी सामने आई है। अश्वगंधा का सेवन महिलाएं दिन और रात दोनों मे से किसी भी एक समय कर सकती हैं। इसके अलावा ज्यादा अश्वगंधा खाने से महिलाओं को कुछ समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

  1. अश्वगंधा की अधिकता से व्यक्ति को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल के साथ-साथ दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है।
  2. गर्भावस्था के दौरान इसके अधिक सेवन से गर्भपात की समस्या हो सकती है।

अश्वगंधा को लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखें?
अश्वगंधा को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसकी जड़ का चयन करें। बता दें कि आप तकरीबन दो महीनों तक इसकी जड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे अलग अश्वगंधा पाउडर भी इस्तेमाल में ले सकते हैं। घर पर अश्वगंधा को एयर टाइट डिब्बे में अच्छे से बंद करके रखें ताकि नमी के चलते यह खराब न हो जाए।

नोट- महिलाओं को अपनी डाइट में अश्वगंधा को जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट से इसकी मात्रा के बारे में जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

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