उत्तराखंड राज्य की संस्कृति की प्रतीक गोलज्यू यात्रा का शुभारंभ 25 से

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समाचार सच, हल्द्वानी। अपनी धरोहर संस्था द्वारा उत्तराखंड राज्य की संस्कृति की प्रतीक गोलज्यू यात्रा का शुभारंभ 25 अप्रैल सोमवार को बोना गाँव धरती धार मुनस्यारी से होगा। यात्रा पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पौड़ी, देहरादून, चंपावत, खटीमा, रुद्रपुर होते हुए 4 मई को हल्द्वानी पहुंचेगी। यात्रा 5 मई को नैनीताल, भवाली होते हुए घोड़ाखाल पहुंचेगी। 6 मई को घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर में हवन के साथ इसका समापन होगा और भक्तगण भंडारे में प्रसाद ग्रहण करेंगे।

वार्ता में संस्था अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईपीएस गणेश मर्ताेलिया ने बताया कि राज्य के सर्वांगीण विकास में हम सभी का योगदान संभव हो, उत्तराखंड की संस्कृति का संरक्षण व संवर्द्धन हो सके, इसके साथ -साथ यात्रा का उद्देश्य रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा तथा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए सहभागी बनाना ।राज्य व राज्य के बाहर देव संस्कृति (व्यवस्था) में आस्था रखने वाले धर्म, संस्कृति व प्रकृति प्रेमी किसी भी जाति या प्रांत के निवासी जो कि देवभूमि उत्तराखंड के हित में कार्य कर सकें साथ ही कृषि आधारित उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराना तथा देव स्थलों को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करना भी यात्रा का उद्देश्य है।
सचिव विजय भट्ट ने कहा कि शिल्पकार, मूर्तिकार, लोहार, जगरिये, डंगरिये, लोकगायक लोकनर्तक, वाद्य यंत्र बनाने वाले, बजाने वाले और इसी प्रकार उत्तराखंड की पहचान और विरासत को जीवंत रखने वाले कलाकारों की पहचान करना और उनकी कला को रोजगारोन्मुख बनाना भी यात्रा का उद्देश्य है। यात्रा के प्रत्येक पड़ाव में गोल्ज्यू पंचायत (गोष्ठी) का आयोजन कर स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्धता और अभावो की जानकारी एकत्रित कर उन्हे लिपिबद्ध करते हुए उक्त विषयों को उपलब्ध करा कर शासन प्रशासन को समय-समय पर अवगत कराते हुए उनका समुचित निराकरण एवं समाधान कराने का प्रयास करना।
वार्ता में जिला यात्रा प्रमुख श्याम सुंदर रौतेला, यात्रा प्रमुख प्रमोद भट्ट, भूपेंद्र बिष्ट, मनोज जोशी व मीडिया प्रभारी रवि दुर्गापाल मौजूद रहे।

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