हल्द्वानीः एक करोड़ के लालच में गंवाई जिंदगी भर की कमाई! 72 लाख की साइबर ठगी से सीखिए, वरना अगला नंबर आपका हो सकता है

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बीमा पॉलिसी का रिफंड दिलाने का झांसा देकर बुजुर्ग से 72.33 लाख रुपये ऐंठे, साइबर पुलिस ने जारी की बड़ी चेतावनी

समाचार सच, हल्द्वानी। अगर आपके पास भी कोई पुरानी बीमा पॉलिसी है और कोई फोन कर कहे कि “आपका प्रीमियम और बोनस मिलाकर लाखों रुपये का रिफंड तैयार है”, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। उत्तराखंड के हल्द्वानी में इसी झांसे में आकर एक बुजुर्ग अपनी जिंदगी भर की करीब 72 लाख 33 हजार 600 रुपये की जमा पूंजी साइबर ठगों के हवाले कर बैठे।

साइबर ठगों ने खुद को एनपीसीआई (NPCI) का अधिकारी बताकर पहले पीड़ित का भरोसा जीता और फिर करीब दस महीने तक अलग-अलग टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी, आरबीआई चार्ज, फंड ट्रांसफर शुल्क और अन्य शुल्क के नाम पर किस्तों में लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पांच बीमा पॉलिसियां ली थीं। आर्थिक कारणों से आगे की किस्त जमा नहीं कर सके। इसी का फायदा उठाकर ठगों ने फोन किया और दावा किया कि उनकी सभी पॉलिसियों का प्रीमियम और बोनस मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये का रिफंड बनता है।

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विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो भी व्हाट्सएप पर मंगवा लिए। इसके बाद हर कुछ दिनों में नया बहाना बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाते रहे। पीड़ित ने 84 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 72.33 लाख रुपये भेज दिए। जब महीनों बाद भी रिफंड नहीं मिला और सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, कुमाऊं रेंज रुद्रपुर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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ऐसी ठगी से कैसे बचें? जरूर पढ़ें
साइबर इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने लोगों से अपील की है कि— किसी भी बीमा पॉलिसी रिफंड, बोनस या मैच्योरिटी के नाम पर आए कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
-NPCI, RBI या किसी सरकारी संस्था का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति की पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें।
-आधार, पैन, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
-किसी भी शुल्क के नाम पर पहले पैसा जमा करने को कहा जाए तो सतर्क हो जाएं।
-किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस से शिकायत करें।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अब लोगों की पुरानी बीमा पॉलिसियों और निवेश संबंधी जानकारी का फायदा उठाकर नए-नए तरीके से ठगी कर रहे हैं। थोड़ी सी सतर्कता आपकी पूरी जीवनभर की कमाई बचा सकती है।

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