भारत व नेपाल के मध्य जल विद्युत परियोजना समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर

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समाचार सच, देहरादून। एसजेवीएन तथा नेपाल के निवेश बोर्ड (आईबीएन) के मध्य 679 मेगावाट लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना के विकास के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर काठमांडू, नेपाल में हस्ताक्षर किए गए हैं। समझौता ज्ञापन पर नन्द लाल शर्मा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एसजेवीएन तथा सुशील भट्टा सीईओ आईबीएन द्वारा हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नेपाल के उप प्रधानमंत्री बिष्णु प्रसाद पौडेल तथा नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा की गरिमामयी उपस्थिति में किए गए।
इस अवसर पर सीईओ एसएपीडीसी अरुण धीमान तथा सीएफओ, एसएपीडीसी जितेंद्र यादव के साथ नेपाल सरकार एवं एसजेवीएन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। नन्द लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन लिमिटेड ने अंतर राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली (आईसीबी) के माध्यम से 679 मेगावाट लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना को हासिल किया है, जिस बोली अन्य मुख्य कंपनियों ने भी भाग लिया था। लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना नेपाल के संखुवा सभा तथा भोजपुर जिलों में स्थित है। इस परियोजना में कोई जलाशय या बांध नहीं होगा और यह 900 मेगावाट अरुण 3 जल विद्युत परियोजना का टेलरेस विकास होगा। इस परियोजना में चार फ्रांसिस प्रकार के टर्बाइन होंगे। परियोजना पूरी होने पर प्रतिवर्ष 2970 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन होगा। निर्माण गति विधियां शुरू होने के पश्चात परियोजना को चार वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना एसजेवीएन को बूट आधार पर 25 वर्षों के लिए आवंटित की गई है।

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श्री शर्मा ने एसजेवीएन को लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना के लिए डेवलपर के रूप में चुन कर एसजेवीएन की क्षमताओं और दक्षताओं में विश्वास बनाए रखने के लिए नेपाल सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत और विदेश में एसजेवीएन के सभी प्रयासों में समर्थन देने के लिए विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने आगे बताया कि एसजेवीएन ने 900 मेगावाट अरुण-3 परियोजना के निष्पादन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर के वर्ष 2008 में नेपाल में अपनी यात्रा आरंभ की थी। परियोजना निर्माण गतिविधियों की शुरुआत वर्ष 2018 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली द्वारा संयुक्त रूप से परियोजना की आधार शिला रखने के साथ हुई। इस परियोजना के निष्पादन में आईबीएन तथा नेपाल सरकार का सक्रिय सहयोग एवं समर्थन निरंतर प्राप्त हो रहा है। श्री शर्मा ने आगे बताया कि 900 मेगावाट अरुण- 3 जल विद्युत परियोजना ने गत तीन वर्षों में कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बावजूद महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है और परियोजना की निर्माण गतिविधियाँ पूरे जोरों पर हैं। महामारी के कारण किसी भी देरी को कम करने के लिए एसजेवीएन ने पहले ही त्वरितयो जनालागू कर दी है और इस परियोजना को समय से पहले कमीशन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि आईबीएन तथा नेपाल सरकार के निरंतर समर्थन के बिना इस प्रकार की प्रगति हासिल करना संभव नहीं था।

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नंद लाल शर्मा ने बल देकर कहा कि आर्थिक व्यवहार्यता के लिए तथा बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए जल विद्युत को एकीकृत नदी बेसिन विकास दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जाना चाहिए। इस दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप संसाधनों का पूरी तरह उपयोग किया जा सकेगा तथा कम लागत पर तेजी से परियोजनाएं पूरी होंगी। उन्होंने नेपाल सरकार से एसजेवीएन को नेपाल में जल विद्युत के दोहन के लिए सरकार के साथ साझेदारी में और अवसर प्रदान करने का अनुरोध किया। एसजेवीएन की वर्तमान स्थापित क्षमता 2016.51 मेगावाट है तथा 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 12000 मेगावाट एवं 2040 तक 25000 मेगावाट कंपनी बनने का लक्ष्य है । एसजेवीएन की विद्युत उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में उपस्थिति दर्ज है, जिसमें जल विद्युत, पवन, सौर तथा ताप विद्युत शामिल हैं । कंपनी की मौजूदगी ऊर्जा ट्रांसमिशन के क्षेत्र में भी है।

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