जीएसटी की विसंगतियों में सुधार लायें, सौंपा ज्ञापनों का पुलिन्दा

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व्यापारियों ने पीएम व वित्तमंत्री को ज्ञापन भेज की कार्रवाई की मांग

समाचार सच, देहरादून। जीएसटी के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा दो नए नोटिफिकेशन जारी किए हैं। इन नोटिफिकेशन के द्वारा जीएसटी के कानून इतने सख्त बन गए हैं कि इसमें व्यापारी को सजा होने का प्रावधान तथा व्यापारी का खाता सीज भी हो सकता है। साथ ही उस व्यापारी से पैसें की रिकवरी भी हो सकती है। इसी विषय को लेकर दून उद्योग व्यापार मण्डल के संयुक्त प्रतिनिधिमण्डल ने इन कानूनों में संशोधन को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर उनके प्रतिनिधि के रूप में वर्तमान में कार्य देख रहीं मुख्य विकास अधिकारी खंडेलवाल व सेन्ट्रल जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त सौरभ कान्त शुक्ल से वार्ता कर तथा उनके माध्यम से लिखित में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के संज्ञानार्थ ज्ञापन सौंपा। दून उद्योग व्यापार मण्डल के संरक्षक अनिल गोयल ने कहा की केन्द्र सरकार द्वारा जारी इस नोटिफिकेशन के अनुसार यदि एक व्यापारी अपनी रिटर्न भरता है और उसमें आईडीसी क्लेम करता है। वहीं कहा कि किसी वजह से पीछे से उसके सप्लायर जिससे उसको माल मिला है उसने अपनी रिटर्न नहीं भरी है तो तुरन्त वह पैसा खरीददार व्यापारी की तरफ खडा हो जाएगा जबकि इसमें खरीददार व्यापारी की कोई भी गलती नहीं है। वो नियमानुसार अपनी रिटर्न भर ही रहा है। दून उद्योग व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि इस नोटिफिकेशन के मुताबिक यदि किसी व्यापारी का माल रास्ते में पकड़ा जाता है तो उसके ऊपर पेनल्टी 100 प्रतिशत से बढाकर 200 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही इसमें अभी तक उस स्थिति में पेनल्टी का कोई प्रावधान सरकार द्वारा तय नहीं किया गया है। दून उद्योग व्यापार मण्डल के कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि इस नियमों से व्यापारी को अपना ऑडिट करवाना जरूरी हो गया है तथा अपनी समस्त रिटर्न्स का मिलान भी उस ऑडिट में कराना होगा। साथ ही इसके बाद विभाग भी अपने द्वारा कभी भी ऑडिट करवा सकता है। साथ ही अधिकारी कर का निर्धारण भी स्वयं करेगा। दून उद्योग व्यापार मण्डल के महासचिव सुनील मेंसोन ने कहा कि कि डबल पेनल्टी व कोई अपीलीय अधिकारी तय ना होने से व्यापारी के सामने अपने माल को लेकर चिन्ता होना एक बहुत बडी समस्या उत्पन्न होगी। साथ ही व्यापारियों को अपनी इस तरह की छोटी-छोटी समस्याओं के निदान को व्यापारी हाईकोर्ट जाएगा और कोर्ट जाने की स्थिति में उसके माल की देख रेख कौन करेगा।

व्यापारियों की प्रमुख मांगें
देहरादून।
जीएसटी में सजा का प्रावधान समाप्त करने तथा रिवाईज रिटर्न डालने का प्रावधान किया जाना चाहिए। गलत राशि भरने पर रिफण्ड समायोजन, कॉमन सर्विसेज पर जीएसटी का इनपुट देने, सीमित बिकने वाले ब्राण्ड को जीएसटी जीरो श्रेणी में रखने, एमएनएसपी तुरन्त लाने, 50 लाख तक की बिक्री करने वाले व्यापारी को ऑउट पुट टैक्स का 1 प्रतिशत देने, तिलहन, तेल मसालों को निल की श्रेणी में रखने, दून उद्योग व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों ने मांगों की सुनवाई ना होने पर आंदोलन को तेज करने की बात कही। वहां डीडी अरोड़ा, रोशनलाल, कुलभूषण अग्रवाल, बृजभूषण गोयल, संजीव अग्रवाल, मनीष बंसल, नवनीत सेठी, राजेश बडोनी आदि मौजूद थे।

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