जनता मिलन में आयुक्त दीपक रावत सख्त, मौके पर दिए कार्रवाई के निर्देश, अफसरों को चेतावनी

खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी। कुमाऊँ मंडल आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में आम लोगों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही समाधान और कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद से लेकर पेयजल, सड़क, ई-रिक्शा और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए।

जनता मिलन में आयुक्त के सामने भूमि विवाद, अवैध निर्माण, धोखाधड़ी से धन हड़पने, ई-रिक्शा फिटनेस, पारिवारिक विवाद, सड़क मरम्मत और पेयजल संकट से जुड़ी शिकायतें रखी गईं। आयुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

नैनीताल शहर में संचालित 24 ई-रिक्शाओं के मैनुअल फिटनेस न होने का मामला सामने आने पर आयुक्त ने आरटीओ को निर्देश दिए कि मुख्यालय से पत्राचार कर जल्द से जल्द मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि संचालकों को राहत मिल सके।

यह भी पढ़ें -   Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में आज फिर भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में येलो चेतावनी, 30 अगस्त तक बिगड़ा रहेगा मौसम

अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा निवासी मदन सिंह ने वाहन लोन से जुड़ी शिकायत रखते हुए बताया कि किस्त जमा न होने पर कंपनी ने वाहन जब्त कर किसी अन्य को बेच दिया, लेकिन ट्रांसफर नहीं किया गया, जिससे चालान अब भी उनके नाम पर आ रहे हैं। इस पर आयुक्त ने महिंद्रा कंपनी के अधिकारियों को तलब कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

ग्राम क्वैराला के मुकुल ऐरी ने पेयजल संकट की शिकायत करते हुए बताया कि गांव के सात परिवारों को 700 मीटर दूर गधेरे से पानी ढोना पड़ रहा है। इस पर आयुक्त ने जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी को तत्काल जांच कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

ब्लॉक प्रमुख केडी रूबाली ने ओखलकांडा क्षेत्र की समस्याएं उठाते हुए हरीशतालदृलोहाखामताल को पर्यटन से जोड़ने और 37 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग की मरम्मत की मांग रखी। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि वे स्वयं मौके पर निरीक्षण करेंगे और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड SIR में वोट काटने की आपत्तियों ने बढ़ाई हलचल, तीन जिलों में सबसे ज्यादा मामले, किच्छा में एक नाम पर 5,906 आपत्तियां!

जनसुनवाई के दौरान जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को लेकर भी आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने वन विभाग को प्रोएक्टिव कार्रवाई, प्रभावितों को त्वरित मुआवजा देने और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जंगल से सटे गांवों में लकड़ी और चारे की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

आयुक्त ने आम जनता से अपील की कि जंगल में अनावश्यक रूप से न जाएं और आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक रूप से एवं वन विभाग को सूचित कर ही जाएं। वन विभाग को आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440