मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र से बरामद हुए शव, 31 हो गई मृतकों की संख्या, 178 लोग लापता
समाचार सच, देहरादून/जोशीमठ। चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से आई तबाही के बाद तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की एक सुरंग में फंसे करीब 34 व्यक्तियों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आइटीबीपी, एसडीआरएफ, सेना, जिला प्रशासन की टीम आपरेशन में जुटी हैं। इस बीच टनल से एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्र ऋषिगंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट में चार और शव बरामद हुए हैं, जिसके बाद मृतकों की संख्या 31 हो गई है। इधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और हालातों का जायजा ले रहे हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले के रैणी गांव में आई आपदा में कुल 206 लोग लापता हुए हैं, इनमें से सुरंग में फंसे हुए करीब 35 मजदूरों को निकालने की कवायद आज तीसरे दिन भी जारी है। आपदा में छह लोग घायल हुए हैं। कुल 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। यह रिपोर्ट राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा मंगलवार को जारी की गई है। तपोवन जल विद्युत परियोजना की सुरंग में करीब 35 मजदूर और तीन इंजीनियर फंसे हैं। बचाव दल का सबसे अधिक फोकस इसी सुरंग से मलबा हटाने पर है, लेकिन पानी और गाद के कारण रेस्क्यू में परेशानी हो रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का एरियल सर्वे किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं और हालात का जायजा लिया।
अभी भी 178 लोग लापता हैं। रात में कुछ मिनटों के लिए भी राहत बचाव कार्य नहीं रोका गया। वहीं मंगलवार काे तीसरे दिन के राहत बचाव कार्य के लिए एमआई 17 एनडीआरएफ के जवानों को लेकर देहरादून से जोशीमठ के लिए रवाना हुआ है। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को तपोवन और ग्लेशियर क्षेत्र में ले जाने के लिए एक एएलएच भी रवाना हुआ है। आईटीबीपी, एसडीआरएफ, सेना, जिला प्रशासन की टीम आपरेशन में जुटी हैं। रातभर चले ऑपरेशन में सुरंग से 130 मीटर तक मलबा हटाया जा चुका है। बता दें कि चमोली जिले के रैणी गांव में ग्लेशियर टूटने से रविवार को जल प्रलय आ गई थी। जिसने भयंकर तबाही मचाई। ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा में आई बाढ़ से रैणी गांव को कभी न भूलने वाले जख्म दे दिए।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि करीब ढाई किलोमीटर लंबी टनल में अब तक डेढ़ सौ मीटर तक ही मलबा साफ हो पाया है। टनल में एक ही मशीन काम करने के कारण मुश्किलें सामने आ रही हैं, जबकि 180 मीटर पर एक राइट बैंड भी है। डीजीपी ने बताया कि अब तक 31 शव बरामद हो चुके हैं, इनमें दो पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आपदा के कारण 13 गांव का संपर्क कट गया है, जहां रोप-वे के सहारे सुरक्षाकर्मी और बाहर फंसे ग्रामीणों को राशन भी पहुंचाया जाएगा।
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