समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में युवा कलाकार केदारनाद-करन जोशी ने एक सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने स्वर्गीय लोक कलाकार भानु राम सुकोटी जी के प्रसिद्ध लोकगीत “हौलो झुरियो” को अपनी आवाज़ और नए संगीत संयोजन के साथ पुनर्जीवित कर श्रद्धांजलि अर्पित की है।
भानु राम सुकोटी जी उत्तराखंड लोक-संगीत जगत के एक प्रतिष्ठित नाम रहे हैं। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से पहाड़ की संस्कृति, लोकजीवन और मानवीय भावनाओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। उनके द्वारा रचित कई गीत आज दुर्लभ हो चुके हैं, लेकिन उनकी कला आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
इसी विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से करन जोशी ने “हौलो झुरियो” गीत को वर्तमान दौर के संगीत के अनुरूप नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया है। उन्होंने इस गीत को अपनी आवाज़ दी है और वीडियो में अभिनय भी किया है। गीत के माध्यम से उन्होंने स्वर्गीय भानु राम सुकोटी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
गीत का वीडियो निर्माण और एडिटिंग हिमफिल्म के हिमांशु आर्या द्वारा किया गया है। वीडियो में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और भावनात्मक जुड़ाव को सुंदर तरीके से दर्शाने का प्रयास किया गया है।
यह गीत आज यूट्यूब पर लॉन्च कर दिया गया है और श्रोता इसे केदारनाद के यूट्यूब चैनल एवं स्पॉटिफाई पर भी सुन सकते हैं। स्थानीय संगीत प्रेमियों द्वारा इस प्रयास की सराहना की जा रही है।
करन जोशी का कहना है कि यह केवल एक कवर गीत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक-संगीत विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक छोटा-सा प्रयास है, ताकि स्वर्गीय भानु राम सुकोटी जी की अमूल्य धरोहर सदैव जीवित रहे।



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