हाथरस की घटना के विरोध में पुरुष प्रधान मानसिकता व अश्लील उपभोक्तावादी संस्कृति का फूंका पुतला

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समाचार सच, हल्द्वानी। गांधी जयंती पर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन ने संयुक्त रुप में बुद्ध पार्क में प्रदर्शन कर हाथरस की घटना के विरोध में पूंजीवादी व्यवस्था, पुरुष प्रधान मानसिकता व अश्लील उपभोक्तावादी संस्कृति का पुतला फूंका।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि अभी हाथरस के अंदर एक 20 साल की दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार कर उसके साथ जघन्य अपराध किया गया है। यह कृत्य करने वाले गांव के ही दबंग लोग हैं। महिलाओं के साथ बढ़ती हिंसा की जिम्मेदार पितृसत्तात्मक मूल्य मान्यताएं व उपभोक्तावादी संस्कृति है। जहां पितृसत्तात्मक मूल्य मांयताओं के कारण महिलाओं को समाज में बराबरी का अधिकार नहीं मिलता। इसलिए अपराधी, बलात्कारी दरिंदे उनको अपनी हवस का शिकार बना लेते हैं। वहीं महिला हिंसा की जिम्मेदार उपभोक्तावादी अश्लील संस्कृति भी है।
प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की महासचिव रजनी जोशी ने कहा कि आज अश्लील संस्कृति फिल्मों, गानों, विज्ञापनों, सीरियल, पोर्न साइट्स के माध्यम से खुलेआम शोशल मीडिया, मीडिया द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। जो महिलाओं को इंसान की जगह उपभोग करने वाली वस्तुओं के रूप में प्रस्तुत करती हैं। इससे समाज के अंदर इस तरह के विकृत मानसिकता के लोग पैदा होते हैं। जो इस तरह की हिंसाओं को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 2 अक्टूबर को उत्तराखंड के इतिहास में रामपुर तिराहा कांड हुआ था, जिसमें महिलाओं की अस्मिता को रोधा गया था। आज महिला हिंसा के विरोध में हम सभी को हम सभी मजदूर-मेहनतकशों, छात्रों-नौजवानों, महिलाओं को एकजुट होकर इसके खिलाफ संघर्ष करना होगा। ताकि इस तरह की मानसिकता के खिलाफ संघर्ष कर लगातार हो रही घटनाओ को रोका जा सके।

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