मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वैशाली ने हल्द्वानी में कोलोरेक्टल कैंसर पर बढ़ाई जागरूकता

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नया जीवनः कोलोरेक्टल कैंसर से जंग जीतने की प्रेरक कहानी

समाचार सच, हल्द्वानी। कोलोरेक्टल कैंसर से पीड़ित मरीजों की जीवन गुणवत्ता सुधारने के लिए एक समर्पित और सुव्यवस्थित उपचार कितनी अहम भूमिका निभा सकता है, इसी विषय पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली ने एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र में 56 वर्षीय कुंदन सिंह की प्रेरणादायक यात्रा साझा की गई, जिन्होंने कैंसर से जंग जीतकर नया जीवन पाया।

कोलोरेक्टल कैंसर विश्वभर में तीसरा सबसे आम कैंसर है और कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण। मार्च को नेशनल कोलोरेक्टल कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है, इसी अवसर पर हल्द्वानी में यह जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें मैक्स हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विवेक मंगला ने उपचार प्रक्रिया और कैंसर से बचाव के तरीकों पर जानकारी दी।

प्रारंभिक पहचान से बचाव संभव
डॉ. मंगला के अनुसार, कुंदन सिंह शुरू में रेक्टल ब्लीडिंग की समस्या के साथ आए थे। जांच करने पर, उन्हें स्टेज 2 कोलन कैंसर और मल्टीपल पॉलीप्स की पहचान हुई। हमने उनके आंत के कैंसरग्रस्त हिस्से को हटाने के लिए एक न्यूनतम इनवेसिव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की। बायोप्सी रिपोर्ट में यह पाया गया कि कैंसर कुछ लिम्फ नोड्स तक फैल चुका था, इसलिए शेष कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करने और पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उन्हें एडजुवेंट कीमोथेरेपी दी गई। इसके बाद, उनका इलियोस्टोमी क्लोजर किया गया, जिससे वे सामान्य रूप से मल त्याग करने में सक्षम हो गए। उनका उपचार सफल रहा और आज श्री सिंह स्वस्थ और कैंसर-मुक्त जीवन जी रहे हैं।”

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नियमित जांच है जरूरी
डॉ. मंगला ने यह भी बताया कि “यदि प्रारंभिक चरण में कोलोरेक्टल कैंसर का पता चल जाए, तो यह पूरी तरह से उपचार योग्य होता है। सफल उपचार के बाद भी, नियमित जांच आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित पुनरावृत्ति या नए पॉलीप्स का समय रहते पता लगाया जा सके। हम सभी से, विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों से आग्रह करते हैं कि वे नियमित रूप से कोलोनोस्कोपी करवाएं और रेक्टल ब्लीडिंग या पाचन संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। शीघ्र पहचान और समय पर हस्तक्षेप से कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है और कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।”

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