
समाचार सच, हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए लगाये गये कोविड कर्फ्यू के मध्य सरकार द्वारा जनता की परेशानियों को देखते हुए शुक्रवार 21 मई को बाजार में जनरल मर्चेण्ट, राशन की दुकानें, किराने की दुकानों के साथ-साथ ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों की सुविधाओं के लिए बुक सेलरों की दुकानें सुबह 7 से दिन के 12 बजे तक खोलने का आदेश जारी किया था। सरकार की मंशा थी कि इन दुकानों को खोलने से बाजार में कुछ हद तक भीड़ कम होगी लेकिन आज का नाजारा देख ऐसा लग रहा था कि जनता की मन में कोरोना को लेकर किसी प्रकार का भय नहीं है। बाजार में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण दे रही थी कि वह सामान लेते समय न तो सामाजिक दूरी का पालन कर रहे थे और न ही कोविड की गाइड लाइन को मान रहे थे। ऐसे में दुकानदार भी इन सब नियमों को अनदेखा करते नजर आये। अधिकांश दुकानों पर न तो सेनेटाइजर की व्यवस्था थी और न ही सामाजिक दूरी के लिए गोले बनाये गये।
वहीं दूसरी तरफ फल सब्जी मण्डी में भी इस प्रकार का नजारा देखने को मिला। जबकि सरकार ने कोविड कर्फ्यू के दौरान फल, सब्जी एवं दूध की दुकानें सुबह 7 से 10 बजे तक का खोलने का समय तय किया हुआ है आज यह समय 2 घंटे अतिरिक्त दिया गया था, फिर भी भीड़ कम नहीं हो रही है।
माना कि इस समय कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आयी है इसका मतलब यह नहीं कि जनता यह समझे कि कोरोना संक्रमण पूरी तरीके से समाप्त हो गया है। जनता को कोविड गाइड लाइन के अन्तर्गत आने वाली सामाजिक दूरी, सेनेटाइजर, मास्क इत्यादि का पालन अवश्य ही करना चाहिए। उनको यह भी सोचना चाहिए कि हम सुरक्षित तो हमारा परिवार सुरक्षित। जबकि अब गली मुहल्लों की दुकानों पर भी प्रत्येक सामान की उपलब्धता मौजूद होने के बावजूद भी जनता अपने घर के निकट के दुकानदारों से ही सामान ना लेकर भीड़भाड़ वाली जगह पर ही सामान लेना क्यों पसंद कर रही है यह एक सोचनीय विषय है।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


