तड़का लगाने से पौष्टिकता कई गुना बढ़ा देता है तड़का, कभी सोचा है आपने?

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हम हिंस्दुस्तानियों की दाल तड़के के बिना पूरी नहीं होती है। सिर्फ दाल ही क्यों, किसी भी डिश को आम से खास बनाने के लिए हम तड़का लगा देते हैं। पर क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है क्या कि दाल में या दूसरी चीजों में तड़का लगाते क्यों हैं?

आपमें से कुछ लोग कहेंगे कि स्वाद के लिए तड़का लगाया जाता है। पर ये पूरी सच्चाई नहीं है। दरअसल, दाल में तड़का न केवल उसके स्वाद को बढ़ाता है बल्कि उसकी पौष्टिकता को भी कई गुना बढ़ा देता है। तड़के के लिए अलग-अलग घरों में अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल होता है और ये सभी चीजें स्वाद और गुणों से भरपूर होती हैं।

ऐसे तैयार करें तड़का…
सबसे पहले घी या तेल को एक छोटी कड़ाही या फिर पैन में गर्म कर ले। उसके बाद इसमें वो सारे मसाले डाल दें तो आप खाना पसंद करें। जब ये थोड़ा पक जाए तो इसे दाल या फिर करी के ऊपर अच्छे से डाल दें। तड़के में हम कुछ मसालों के साथ ही कुछ हर्ब्स का भी इस्तेमाल करते हैं। तड़का, पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मददगार होता है।

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दाल या फिर करी में तड़का लगाने के फायदे

  1. तड़के के लिए ज्यादातर घरों में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन इम्यूनिटी बूस्ट करने का कमा करता है। इसके साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाया जाता है। इससे इंफेक्शन, सर्दी, खांसी और सिर दर्द जैसी परेशानियां दूर रहती हैं।
  2. अगर आपके घर स्पाइसी और तीखा खाना पसंद किया जाता होगा तो तड़के में खड़ी लाल मिर्च जरूर डाली जाती होगी। सूखी लाल मिर्च में कई तरह के विटामिन होते हैं, जिससे दर्द में राहत मिलती है और मोटापा भी कंट्रोल में रहता है।
  3. जीरा, तड़के का सबसे जरूरी हिस्सा है। जीरा अच्छे पाचन के लिए रामबाण उपाय है। जीरे के इस्तेमाल से पेट फूलना, डायरिया, एसिडिटी और अपच की समस्या भी दूर रहती है।
  4. कुछ लोग तड़के में करी पत्ते का इस्तेमाल करना भी पसंद करते हैं। करी पत्ती के इस्तेमाल से कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है। इससे पाचन सही रहता है, डायबिटीज का खतरा दूर होता है और साथ ही ये दिल की सेहत के लिए भी अच्छा होता है। करी पत्तियों में फाइबर, कार्ब्स, विटामिन ई, बी, ए, सी, आयरन, फॉस्फोरस और कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
  5. कुछ घरों में लोग तड़का लगाते समय राई के दानों का भी इस्तेमाल करते हैं। राई के दानें मांस-पेशियों के दर्द को दूर करने का काम करता है। ये कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करने और इम्यूनिटी को बेहतर रखने में मददगार है।
  6. हींग का इस्तेमाल जहां स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है, वहीं इसके इस्तेमाल से गैस की प्रॉब्लम भी दूर हो जाती है। ये अपच और एसिडिटी में भी खासा फायदेमंद है। पेट की मरोड़ को शांत करने के लिए भी हींग का इस्तेमाल किया जाता है। (साभार: भूमिका राय)
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